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असम के इस लड़के का गिफ्ट साथ ले जाने से विराट कोहली ने मना क्यों किया?

कोहली ने राहुल पारीक को वापस किया उनका मेकैनिकल पोट्रेट.

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Rahul Pareek द्वारा बनाई गई तस्वीर पर संदेश लिखते Virat Kohli, स्क्रीनग्रैब
भारत-श्रीलंका के बीच गुवाहाटी में सीरीज का पहला T20I मैच नहीं हो पाया. बारिश की वजह से पिच गीली हो गई और गुवाहाटी के ग्राउंड्समैन उसे सुखा ही नहीं पाए. हालांकि इसके बाद भी दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिला. दर्शकों ने वंदे मातरम गाया, राज्य के मुख्यमंत्री के आने पर उनके खिलाफ नारेबाजी की और अपने जोश में कोई कमी नहीं आने दी. फैंस के सामूहिक सेलिब्रेशन के बीच एक फैन ने पर्सनल लेवल पर भी सेलिब्रेट किया. असम के धुबरी जिले के रहने वाले 20 साल के राहुल पारीक. पारीक ने खराब मोबाइल फोन से भारतीय कप्तान विराट कोहली की तस्वीर बनाई थी. कप्तान कोहली ने न सिर्फ पारीक के साथ वक्त बिताया बल्कि उनकी तारीफ भी की.

# चौंक गए कोहली

गुवाहाटी के केसी दास कॉलेज में पढ़ने वाले राहुल ने बाद में कहा,
'विराट सर तस्वीर को देखकर लगभग वैसे ही चौंके थे जैसे मैं असली जिंदगी में उन्हें देखकर! मैंने उनसे कहा कि वह तस्वीर ले लें लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि इसे साथ लेकर घूमने से यह खराब हो जाएगी. इसके बाद उन्होंने इस पर एक मैसेज लिखा- प्रिय राहुल, यह बेहतरीन है.'
BCCI ने पारीक की पेंटिंग पर लिखते कोहली का एक वीडियो ट्वीट किया था. यह वीडियो जल्दी ही वायरल हो गया. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पारीक ने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मांगकर पुराने फोन इकट्ठा किए थे. इसके बाद उन्होंने तीन दिन से ज्यादा वक्त लगाकर वायर, गोंद और पिन के जरिए तस्वीर को पूरा किया. तस्वीर पूरी करने के बाद उन्होंने क्रिकेट असोसिएशन ऑफ असम को कई बार ईमेल किया. लेकिन उनको कोई जवाब नहीं मिला. शनिवार को मैच से पहले किसी ने उन्हें तस्वीर के साथ अंदर नहीं घुसने दिया. इसके बाद वह तस्वीर को लेकर क्रिकेट स्टेडियम के बाहर खड़े हो गए. जब लोकल मीडिया ने उन्हें नोटिस किया. तब जाकर विराट के मैनेजर ने उन्हें कॉल किया.

# रिकॉर्डधारी हैं पारीक

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पारीक बचपन से ही आर्ट्स में इंट्रेस्ट रखते हैं. एक्सप्रेस से बात करते हुए पारीक ने कहा,
'मैं पहले बराबर सेलिब्रिटीज की तस्वीरें बनाता था. फिर मैंने कुछ नया करने की सोची. मैं इसे मेकैनिकल पोट्रेट बुलाता हूं. इसका मतलब है इलेक्ट्रॉनिक कूड़े को रिसाइकल कर तस्वीर बनाना. इसमें पुराने मोबाइल फोन और पुराने कम्प्यूटर मदरबोर्ड शामिल होते हैं जिन्हें मैं रिपेयर वाली दुकानों से इकट्ठा करता हूं. जब मैं बच्चा था तब भी मुझे पुरानी चीजों को खोलना बहुत पसंद था. इसके साथ ही मुझे अंततः बेकार होने वाले मटेरियल को रिसाइकल करना बहुत अच्छा लगता है.'
इससे पहले पारीक महात्मा गांधी और असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल के भी 'मेकैनिकल पोट्रेट' बना चुके हैं. इनके जरिए वह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह बना चुके हैं.
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