एडम ज़ैम्पा. ऑस्ट्रेलिया के स्पिन गेंदबाज़. ज़ैम्पा मंगलवार को दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते रहे. इसकी वजह है उनका बिग बैश लीग (BBL) में नॉनस्ट्राइकर एंड पर किया गया रन-आउट. मंगलवार को मेलबर्न स्टार्स और मेलबर्न रेनेगेड्स के बीच एक मुकाबला खेला गया. इस मैच में ज़ैम्पा मेलबर्न स्टार्स की ओर से खेल रहे थे. उन्होंने पहली पारी के आखिरी ओवर में नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े टॉम रॉजर्स को रनआउट किया.
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ज़ैम्पा के रनआउट पर विकेट क्यों नहीं मिला?


मैच में ज़ैम्पा की कप्तानी वाली मेलबर्न स्टार्स ने पहले गेंदबाज़ी चुनी. फैसला सही भी लगा, जब स्टार्स ने रेनेगेड्स को 141 रन पर रोक दिया. पहली पारी के 19 ओवर तक रेनेगेड्स की टीम छह विकेट खोकर 132 रन बनाकर खेल रही थी. कप्तान ज़ैम्पा ने आखिरी ओवर के लिए खुद गेंद थामी और पहली चार गेंदों में सिर्फ सात रन दिए और एक विकेट चटका लिया.
लेकिन विवाद हुआ पारी की चौथी गेंद के बाद. ज़ैम्पा गेंद फेंकने आए, नॉन स्ट्राइकर एंड पर रॉजर्स खड़े थे. उन्होंने गेंद फेंके जाने से पहले चहलकदमी की और ज़ैम्पा ने तुरंत बेल्स उड़ाकर उन्हें रनआउट कर दिया. जिसके बाद भारत में सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि ज़ैम्पा अब सही टीम में आ गए हैं.
यानी उनका संदर्भ IPL में ज़ैम्पा की नई टीम राजस्थान रॉयल्स से था. दरअसल ज़ैम्पा को राजस्थान रॉयल्स ने IPL Auction 2023 में 1.5 करोड़ में खरीदा है. राजस्थान रॉयल्स में रविचन्द्रन अश्विन हैं और अश्विन ऐसे रनआउट के लिए विख्यात हैं. सिर्फ अश्विन ही नहीं, इसी तरह एक बार अश्विन का शिकार हो चुके जॉस बटलर भी तो इसी टीम में हैं. ऐसे में अब ज़ैम्पा के आने से पूरा 'गैंग' इस टीम के पास हो गया है.
# ज़ैम्पा को विकेट क्यों नहीं मिला?वापस लौटें तो ज़ैम्पा का रन-आउट सफल नहीं हो सका और रॉजर्स को थर्ड अंपायर ने नॉट-आउट दे दिया. दरअसल जैसे ही रॉजर्स को आउट करके ज़ैम्पा ने मैदानी अंपायर से अपील की, उन्होंने तुरंत थर्ड-अंपायर का रुख कर लिया. थर्ड अंपायर ने टीवी रीप्ले में चेक किया कि ज़ैम्पा का हाथ वर्टिकल से आगे निकल गया है. ICC के नियम के मुताबिक इस स्थिति में बल्लेबाज़ को यहां रनआउट नहीं दिया जा सकता.
क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था MCC ने भी इस मामले पर ट्वीट कर कहा,
'नॉन-स्ट्राइकर को रन आउट किया जा सकता है, अगर वह उस क्षण तक अपनी जगह से बाहर रहता है, जब तक गेंदबाज से सामान्य रूप से गेंद को रिलीज करने की उम्मीद की जाती है. इसका मतलब है कि जब हाथ अपने हाइएस्ट पॉइंट पर पहुंच जाता है. इस स्थिति में गेंदबाज़ को ये छूट नहीं है कि वो पूरे एक्शन के बाद नॉन-स्ट्राइकर को रन-आउट करे.'
रिजल्ट की बात करें तो इस मैच में ज़ैम्पा की टीम को हार मिली. रेनेगेड्स से मिले 142 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेलबर्न स्टार्स की टीम महज़ 108 रन ही बना सकी.
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