T20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज में बड़ी ही रोचक परिस्थिति बनी है. चारों ग्रुप के टॉपर सुपर-8 में एक ही ग्रुप में पहुंच गए हैं. वहीं, चारों ही ग्रुप की दूसरे नंबर की टीमें एक ग्रुप में हैं. टॉपर्स वाले ग्रुप में भारत के साथ साउथ अफ्रीका, जिंबाब्वे और वेस्टइंडीज हैं. वहीं, पाकिस्तान के साथ दूसरे ग्रुप में न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और श्रीलंका है.
भारत को सुपर-8 में आसान ग्रुप मिला? आकाश चोपड़ा ने गलत नैरेटिव फैलाने वालों को गंदा सुनाया
टीम इंडिया को सुपर-8 का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ 22 फरवरी को खेलना है. इस मुकाबले से पहले ग्रुप को लेकर गलत नैरेटिव फैलाने वालों को Aakash Chopra ने बहुत खरी-खोटी सुनाई है.


हालांकि, ऐसा ICC का कोई प्लान नहीं था. उन्होंने तो टूर्नामेंट से पहले ही सीडिंग तैयार कर दी थी. लेकिन, अब इसी को लेकर सोशल मीडिया पर ये नैरेटिव चलाया जा रहा है कि टीम इंडिया को फायदा पहुंचाने के लिए ICC की ये चाल थी. इसी को लेकर पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने गलत नैरेटिव फैलाने वालों को खरी-खोटी सुनाई है.
आकाश चोपड़ा ने क्या कहा?आकाश चोपड़ा ने एक वीडियो में इस पूरे मामले पर विस्तार से बातचीत की है. उनके मुताबिक, ये पूरी गड़बड़ी दो देशों के बीच टूर्नामेंट के मैच डिवाइड होने के कारण हुई है. इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान को भी जिम्मेदार बताया है, जिन्हें अपने सारे मैच कोलंबो में खेलने हैं. आकाश चोपड़ा ने कहा,
टूर्नामेंट दो देशों में हो रहा है. भारत को अपने सारे मैच भारत में खेलने हैं. वहीं, श्रीलंका और पाकिस्तान को अपने-अपने मैच श्रीलंका में खेलने हैं. इसलिए श्रीलंका और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप रखना लाजमी था. वहीं, भारत को दूसरे ग्रुप में होना था. नहीं तो काम कैसे चलेगा?
उन्होंने फेवरिटिज्म का नैरेटिव चलाने वालों को भी फटकार लगाई. आकाश ने आगे कहा,
कई लोग ये कह रहे हैं कि ये BCCI को फेवर करने के लिए किया गया है. मैं उनसे ये पूछना चाहता हूं कि दिमाग खाली है क्या यार? हम साउथ अफ्रीका को वेस्टइंडीज को एक ही ग्रुप में क्यों रखना चाहेंगे? इससे हमारा क्या फायदा है? ऑस्ट्रेलिया हार जाएगा ये किसे पता था? जिंबाब्वे ने ग्रुप टॉप किया है. ये कमजोर ग्रुप कैसे है. कुछ तो रिसर्च कर लेते. फालतू की बातें मत किया करो, शोभा नहीं देता.
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चोपड़ा ने 2012 T20 वर्ल्ड कप को भी याद किया, जहां सुपर-8 में सभी ग्रुप टॉपर्स एक साथ ही आ गए थे. आकाश ने कहा,
साउथ अफ्रीका की चुनौती बड़ीलोग कह रहे हैं कि आप ये कैसे कर सकते हैं? ये प्री-सीडिंग क्या है? ग्रुप को टॉप करने का कोई फायदा नहीं. लेकिन, हमें ये समझना होगा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ. ऐसा 2007, 2009, 2010 और 2012 में भी हुआ था. 2012 में तो बिल्कुल ऐसी ही परिस्थिति हो गई थी. टेबल टॉपर्स एक ही ग्रुप में थे.
21 फरवरी को सुपर-8 का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया. न्यूजीलैंड और पाकिस्तान को एक-एक अंक बांटने पड़े. वहीं, 22 फरवरी को इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच कैंडी और भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद में मुकाबला खेला जाएगा. टीम इंडिया के लिए ये मुकाबला सेमीफाइनल का टिकट बुक करने के लिहाज से बहुत अहम है. साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है.
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