उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान ‘बटुकों की चोटी खींचे’ जाने वाले विवाद के बाद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘धर्मयुद्ध बोर्ड’ बनाया है. उन्होंने इस बोर्ड पर दो पाले खींचे हैं. ‘गोरक्षा के धर्मयुद्ध में’ नाम के बोर्ड के पहले पाले में ‘गाय, सत्य, शंकराचार्य’ के साथ हूं लिखा है. दूसरे पाले में ‘आय, सत्ता, मुख्यमंत्री के साथ हूं’ दर्ज है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उनके विवाद के बीच 'धर्मयुद्ध' का ये पाला शंकराचार्य ने खींचा है, जिसे लेकर खूब चर्चा हो रही है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ऐलान किया है कि वह अपने 'धर्मयुद्ध बोर्ड' के पोस्टर को 1 मार्च 2025 को सार्वजनिक तौर पर जारी करेंगे.
अविमुक्तेश्वरानंद ने 'धर्मयुद्ध' का पाला खींचा, 'CM के साथ हूं' में एकमात्र फोटो किसकी लगाई?
बोर्ड को दो भागों में बांटा गया है. पहले पाले में 'गोरक्षा के इस धर्मयुद्ध में एक तरफ गाय, सत्य,शंकराचार्य के साथ हूं' लिखा है. तो वहीं, दूसरे हिस्से में 'आय, सत्ता, मुख्यमंत्री के साथ हूं' लिखा है.


इंडिया टुडे से जुड़े रोशन जायसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, अविमुक्तेश्वरानंद ने 'आय, सत्ता, मुख्यमंत्री के साथ हूं' वाले हिस्से में सिर्फ एक फोटो लगाई है. यह फोटो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी की है. पोस्टर में रवींद्र पुरी की फोटो इसलिए लगाई गई है, क्योंकि हाल ही में इस ‘लड़ाई’ में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के साथ होने की बात कही थी.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी शुक्रवार, 20 फरवरी को संभल में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बात करते हुए कहा कि वह(शंकराचार्य) 'दादागिरी' न करें. साथ ही बताया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हैं.
रवींद्र पुरी के बयान पर शंकराचार्य ने कहा कि ‘उनके वक्तव्य से यह साफ हो गया कि वह मुख्यमंत्री की ओर हैं. साथ ही सनातन धर्मी जनता को भी यह पता चल गया कि जब गोमाता की रक्षा के लिए आंदोलन चल रहा था तो यह व्यक्ति सत्ता के साथ था.’ रवींद्र पुरी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह 'एजेंडा' चला रहे हैं.
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इसी बीच शनिवार, 21 फरवरी को प्रयागराज के POCSO स्पेशल कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिगों के साथ यौन शोषण के आरोपों पर FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया है. शंकराचार्य के खिलाफ शाकुंभरी पीठ के पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद POCSO स्पेशल कोर्ट का यह आदेश आया है.
इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि पर भी FIR दर्ज करने का आदेश दिए गया है. शंकराचार्य और उनके शिष्य पर FIR का आदेश रेप और POCSO स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने दिया है.
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