केरल को अपना अगला मुख्यमंत्री मिल गया है. वीडी सतीशन केरल के नए मुख्यमंत्री होंगे. यानी कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, जिनके सीएम बनने की चर्चा जोरों पर थी, उनका पत्ता कट गया है. केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे बाकी चार राज्यों के साथ 4 मई को घोषित हुए थे. बाकी राज्यों में मुख्यमंत्रियों के नामों के ऐलान के साथ-साथ शपथ भी हो चुकी है. लेकिन केरल में 10 दिन बाद भी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं किया था. इस देरी की वजह कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन दावेदारों का होना बताया गया. रेस में वीडी सतीशन के अलावा केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था. तीनों के समर्थक अपनी तरफ से जोर लगा रहे थे.
वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने 10 दिन बाद CM के नाम का किया ऐलान
वीडी सतीशन ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में विपक्ष के नेता के तौर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का नेतृत्व किया था. उनकी लीडरशिप में ही पार्टी के गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है.


आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल के सीएम का नाम 13 मई को फाइनल कर लिया था. उन्होंने पार्टी के सीनियर नेताओं और बाकी नेताओं से फाइनल राय-मशवरा कर लिया था. खरगे के साथ हुई चर्चा में केरल में कांग्रेस की प्रभारी दीपा दासमुंशी और दो वरिष्ठ पर्यवेक्षक - अजय माकन और मुकुल वासनिक - शामिल थे. इन तीनों ने हाल ही में सभी नवनिर्वाचित विधायकों से बातचीत की थी और उनके मन की बात जानी थी. इसके बाद वीडी सतीशन का नाम फाइनल किया गया.
कौन हैं वीडी सतीशन?वीडी सतीशन का जन्म 31 मई, 1964 को एर्नाकुलम में हुआ था. उन्होंने तिरुवनंतपुरम के लॉ कॉलेज से एलएलएम किया है और लगभग 10 सालों तक केरल हाई कोर्ट में वकालत की. वीडी सतीशन ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में विपक्ष के नेता के तौर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का नेतृत्व किया था. उनकी लीडरशिप में ही पार्टी के गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. मुख्यमंत्री पद की रेस में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और सतीशन के बीच कड़ा मुकाबला था. कहा जाता है कि गठबंधन के सहयोगी दलों (UDF) और जमीनी कार्यकर्ताओं का समर्थन सतीशन के साथ था. सतीशन 2001 से लगातार परावूर विधानसभा क्षेत्र से जीत रहे हैं. 2026 के चुनाव में उन्होंने एलडीएफ के ईटी टाइसन को 20,600 वोटों से हराया.
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है. केरल विधानसभा में कांग्रेस के पास 140 सदस्यों में से 63 विधायक हैं. इसके सहयोगी दलों इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पास 22, केरल कांग्रेस (केईसी) के पास आठ और क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी) के पास तीन विधायक हैं.
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