The Lallantop

आपके पास है Maruti Baleno और Toyota Glanza? जीरो सेफ्टी रेटिंग वाली है दोनों कार

भारत में Maruti Baleno और Toyota Glanza के नाम से बिकने वाली कार को Global NCAP South Africa क्रैश टेस्ट में जीरो रेटिंग (Zero Stars for outgoing version of Toyota Starlet) मिली है. साउथ अफ्रीकन देशों में इस कार को रीब्रांड करके Toyota Starlet के नाम से बेचा जाता है. Bharat NCAP में इस कार के पास 4 सितारे हैं.

Advertisement
post-main-image
Bharat NCAP में 4 स्टार रेटिंग वाली कार को Global NCAP में जीरो मिला है

भारत में कारों की सेफ्टी रेटिंग्स को लेकर जबसे Bharat NCAP रेटिंग्स सिस्टम आया है, तब से ज्यादातर कारों को 4 स्टार रेटिंग मिलती है. हालांकि, कारों के सेफ्टी स्टेंडर्ड Global NCAP में उनको इतने सितारे नहीं मिलते हैं. सेफ्टी रेटिंग्स के इस अंतर पर लगातार बात होती है. आज हम उस इंडियन कार की बात करने वाले हैं जिसे Global NCAP में जीरो स्टार (Zero Stars for outgoing version of Toyota Starlet) मिले हैं, जबकि Bharat NCAP में इसके पास 4 सितारे हैं. Toyota Starlet को Global NCAP South Africa क्रैश टेस्ट में जीरो मिला है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

Toyota Starlet, ये कौन सी कार है. अपने यहां तो ऐसी कोई कार नहीं चलती है. चलती है दोस्त. टोयोटा स्टारलेट भारत में चलने वाली Maruti Baleno है जिसे रीब्रांड करके कई देशों में टोयोटा स्टारलेट के नाम से बेचा जाता है. यही गाड़ी क्रैश टेस्ट में पूरी तरह क्रैश हो गई है.

Global NCAP South Africa
Global NCAP South Africa
Glanza-Maruti Baleno-Starlet को मिला जीरो

जापानी टोयोटा और इंडियन मारुति की साझेदारी किसी से छिपी नहीं है. जून 2019 में भारतीय मार्केट में Toyota Glanza हैचबैक लॉन्च की थी तो पता चल गया था कि ये तो Maruti Suzuki Baleno का रीब्रांड किया हुआ मॉडल है. दोनों गाड़ियां सीता और गीता की तरह एक जैसी हैं. लुक्स, डिजाइन, फीचर्स सब कुछ एक जैसा. बस कीमत में थोड़ा अंतर होता है. दोनों कंपनियों की इस दोस्ती की वजह से टोयोटा को छोटी कारों के सेगमेंट में और मारुति को बड़ी कारों के सेगमेंट में आने के लिए रास्ता मिल गया.

Advertisement

इसी कार को साउथ अफ्रीकी बाजार में टोयोटा ने स्टारलेट के नाम से उतारा लेकिन क्रैश टेस्ट में इसे जीरो रेटिंग मिली. वैसे तो Global NCAP के पास भेजी गई टेस्ट कार में सामने की तरफ दो एयरबैग लगे थे और Electronic Stability Control (ESC) भी था मगर साइड वाले विंडो और छाती वाले एयरबैग नहीं थे. Global NCAP ने गाड़ी के स्ट्रक्चर और साइड से सेफ्टी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. आसान शब्दों में कहें, तो गाड़ी को आगे की तरफ से ज़ोरदार धक्का लगता है, तो यह झेल नहीं पाएगी.

Global NCAP South Africa
Global NCAP South Africa

वैसे फ्रंटल ऑफसेट क्रैश टेस्ट के दौरान, ड्राइवर और यात्री के सिर की सुरक्षा को अच्छा और छाती की सुरक्षा को पर्याप्त माना गया. लेकिन, घुटने की सुरक्षा को मामूली कहा गया. गाड़ी में साइड से पड़ने वाले इंपेक्ट को एकदम बेकार रेट किया गया है, क्योंकि कार इसके लिए कोई प्रोटेक्शन ही ऑफर नहीं करती. चाइल्ड सेफ्टी में भी कार को 49 में से 29.33 नंबर ही मिले. यहां कार को 3 स्टार की रेटिंग मिली.

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि Latin NCAP में भी इस कार को 2 स्टार ही मिले थे. हालांकि टोयोटा ने Global NCAP से कहा है कि वो कार में साउथ अफ्रीका के हिसाब से बदलाव करेगा. Global NCAP ने इसके जवाब में कहा है कि वो फिर अपने से कोई रैंडम कार उठाकर टेस्ट करेगा. चलिए कम से कम अफ्रीका में तो सेफ्टी बढ़ेगी.

Advertisement

रही बात Global NCAP के टेस्ट के तरीके की तो आप यहां क्लिक करके पढ़ लीजिए.

वीडियो: मनीष पांडेय ने टीम डेविड का ऐसा कैच पकड़ा, सब हैरान रह गए, कोहली का रिएक्शन वायरल!

Advertisement