तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है. वे पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी मानी जाती हैं. उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही अंदरूनी असंतोष का सामना कर रही है. इससे दो दिन पहले ममता के एक और करीबी राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
ममता की करीबी TMC MP सुष्मिता देव का इस्तीफा, सीएम हिंमता से की मुलाकात
TMC MP resigns: तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसे पार्टी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है. एक ही हफ्ते के अंदर पार्टी के दो राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया है. इससे पहले 16 सांसदों की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ मीटिंग हुई थी.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुष्मिता देव इस्तीफा देने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मिलीं. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में हुई इस मीटिंग के बाद वे शायद भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं. उन्होंने राज्यसभा के चेयरमैन और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंपा और उसे तत्काल रूप से स्वीकार करने का आग्रह किया.
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी TMC कमज़ोर पड़ती जा रही है. 8 जून को सुखेंदु शेखर TMC के अन्य 15 सांसदों समेत पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिले थे. जिसके बाद 16 सांसदों की भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की संभावना जताई जाने लगी.

चुनाव हारने के एक महीने बाद ही पार्टी बिखरने लगी. 27 मई को पार्टी की राज्यसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी और खुद को TMC का सामान्य कार्यकर्ता बताया था. लेकिन 8 जून को दिल्ली में हुई बैठक में वे भी शामिल हुई थीं.
इससे कुछ रोज पहले TMC के 80 विधायकों में से 60 ने ममता बनर्जी द्वारा शोवनदेब चटर्जी को विपक्ष का नेता चुने जाने के खिलाफ बगावत कर दी थी. इन सबने मिलकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुन लिया. इसी दौरान एक अन्य बागी गुट ने दावा किया कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 एनडीए का साथ देना चाहते हैं. और अब एक ही हफ्ते के अंदर तृणमूल के दो राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा हो गया.

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सुष्मिता देव इससे पहले कांग्रेस में थीं. असम के सिल्चर से वे लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं. 2019 में चुनाव हारने के बाद उन्होंने 2021 में कांग्रेस का साथ छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था. जिसके बाद उन्होंने पार्टी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई और राज्यसभा में अपनी सीट पक्की कर ली. सुष्मिता देव संतोष मोहन देव की बेटी हैं. वे कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री थे.
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