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महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर-3' शुरू? आदित्य ठाकरे के सबसे करीबी दिग्गज शिंदे गुट में शामिल

शिवसेना (UBT) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद अब पार्टी के सीनियर नेता सचिन अहीर शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए हैं. सचिन अहीर को आदित्य ठाकरे का बेहद करीबी माना जाता है. ऐसे में ये पार्टी के लिए एक और बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.

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उद्धव ठाकरे की पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है. (इंडिया टुडे)

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  • सचिन अहीर ने शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होकर 30 जून को महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए महायुति के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया।
  • शिवसेना (UBT) के कई नेताओं के पाला बदलने और मौजूदा राजनीतिक दबाव के कारण एकनाथ शिंदे गुट महाराष्ट्र में सत्ता में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
  • सचिन अहीर के शामिल होने से शिंदे गुट को ताकत मिली है और अब उन्हें विधानसभा चुनाव के बाद महायुति के साथ सत्ता संतुलन बनाने में मदद मिलने की संभावना है।

लोकसभा के छह सांसद गंवा चुकी शिवसेना (UBT) को एक और झटका लगा है. आदित्य ठाकरे के सबसे भरोसेमेंद और करीबी नेता सचिन अहीर ने पाला बदल लिया है. अहीर अब एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं. उन्होंने पाला बदलने के साथ ही 30 जून को महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए महायुति के उम्मीदवार के तौर पर अपना नॉमिनेशन भी फाइल कर दिया.

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ऑपरेशन टाइगर-3 की शुरुआत?

सचिन अहीर के नॉमिनेशन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहीं. महाराष्ट्र की राजनीति में इस फेरबदल को ऑपरेशन टाइगर-3 के तौर पर देखा जा रहा है. शिंदे गुट का दावा है कि उद्धव खेमे के कई विधायक पाला बदलने वाले हैं.

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आदित्य ठाकरे के 'किले' वर्ली में सेंधमारी

उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे वर्ली से विधायक हैं. वर्ली में शिवसेना (UBT) का राजनीतिक आधार मजबूत करने में सचिन अहीर का बड़ा रोल है. आदित्य जब साल 2019 में पहला चुनाव लड़े थे तभी अहीर को एनसीपी से शिवसेना में लाया गया. उन्हें वर्ली की जिम्मेदारी दी गई. साल 2022 में पार्टी ने उनको एमएलसी बनाया था. सचिन को आदित्य ठाकरे के 'दाहिने हाथ' के तौर पर देखा जाता था.

आदित्य ठाकरे के सबसे करीबी सहयोगी और मुंबई में पार्टी के बड़े रणनीतिकार को अपने पाले में लाकर एकनाथ शिंदे ने फिर से उद्धव ठाकरे को झटका दिया है. इस घटना से उद्धव ठाकरे के अपने संगठन को मजबूत करने के दावों पर सवालिया निशान उठता है. वहीं आदित्य ठाकरे का राजनीतिक कौशल भी सवालों के घेरे में है. 

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अपने करीबी सहयोगी के पाला बदलने पर आदित्य ठाकरे ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा, 

पार्टी ने अहीर को सब कुछ दिया. फिर भी पार्टी छोड़ना सिद्धांतों की कमी को दिखाता है. जीवन में कुछ सिद्धांत होने चाहिए. अगर पार्टी आपको सब कुछ देती है तो मुश्किल समय में पार्टी के साथ खड़ा रहना भी जरूरी है. उनको मेरे पास लाओ. मैं उनसे पूछूंगा कि पार्टी ने उनको क्या नहीं दिया.

शिंदे ने बताया 'राजनीति का तेंदुलकर'

उधर उपमुख्यमंत्री और शिवसेना चीफ एकनाथ शिंदे ने सचिन अहीर का स्वागत करते हुए उन्हें ‘राजनीति का तेंदुलकर’ बता दिया. उन्होंने कहा, 

सचिन अहीर राजनीति के तेंदुलकर हैं. उन्होंने छक्का मारा है. वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता है. लोग उनकी राजनीति को पसंद करते हैं.

अपने नेताओं के बजाय अहीर पर भरोसा

महायुति के भीतर नीलम गोरहे और कृपाल तुमाने जैसे नेता का नाम विधान परिषद के उपसभापति के तौर पर चल रहा था. लेकिन शिंदे ने अपनी पार्टी के नेताओं के बजाय उसी दिन उद्धव गुट छोड़कर आए सचिन अहीर पर भरोसा जताया.

ये भी पढ़ें - उद्धव ठाकरे को SC से राहत नहीं, शिंदे गुट के पास ही रहेगा शिवसेना का नाम और सिंबल

शिंदे गुट महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी को मजबूत करने की हर कोशिश में जुटी है ताकि बीजेपी के साथ सत्ता का संतुलन साधा जा सके. इसी कवायद में पहले उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 सांसदों को तोड़ा और अब विधानमंडल दल में भी सेंधमारी की है.

वीडियो: शिवसेना UBT के बागी सांसदों पर भड़के आदित्य ठाकरे, भाजपा और एकनाथ शिंदे पर साधा निशाना

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