कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 29 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त करने की मांग की है. उनका आरोप है कि अमित शाह के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छात्रों पर लाठियां बरसाईं और पैलेट गन चलाईं.
'मैंने खुद देखा, अमित शाह अधिकारियों को...', राहुल गांधी के गृह मंंत्री पर गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर छात्रों पर कार्रवाई की गई. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमित शाह को बर्खास्त करने की मांग की है. राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने खुद अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से बात करते देखा था.

प्रधानमंत्री को दी गृह मंत्री को बर्खास्त करने की सलाह
राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स को गारंटी दी कि आज नहीं तो कल जवाबदेही तय हो कर रहेगी. नेता प्रतिपक्ष ने कहा,
हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन स्टूडेंट्स को पीटा गया, उनको न्याय मिले. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों ने हमारे स्टूडेंट्स पर पैलेट गन से गोली चलाई, उनको सजा मिले. विपक्ष स्टूडेंट्स को गारंटी देता है कि जवाबदेही तय होगी.
उन्होंने कहा,
प्रधानमंत्री को हमारी सलाह है कि अमित शाह को बर्खास्त करें. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली स्वतंत्र उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराएं. प्रधानमंत्री कम से कम इतनी शालीनता तो दिखाएं कि जिम्मेदारी लें.
गृह मंत्री को पुलिस अधिकारियों से बात करते देखा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने ये दावा भी किया कि उन्होंने खुद देखा कि गृह मंत्री अमित शाह फोन पर पुलिस अधिकारियों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा,
मैंने अपनी आंखों से देखा कि अमित शाह पुलिस अधिकारियों को कॉल कर रहे थे. मैंने यह भी देखा कि जितेंद्र सिंह को अमित शाह के लिए लगातार कॉल आ रहे थे. इसका मतलब है कि उन्हें पता था कि वहां क्या हो रहा था.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि इस मामले में दो संभावनाएं हैं. उनके मुताबिक,
पहली संभावना यह है कि अमित शाह ने पैलेट गन चलाने और लाठियां बरसाने के आदेश दिए. अगर ऐसा है तो वह दोषी हैं. दूसरी संभावना यह है कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. अगर ऐसा है तो वह अयोग्य हैं. दोनों ही सूरत में उनकी विदाई हो जानी चाहिए.
माफी मांगने से इनकार
राहुल गांधी ने बताया कि उनसे कहा गया था कि अगर वह माफी मांग लें तो उनको सदन में बोलने दिया जाएगा. लेकिन उन्होंने कहा कि वह सच बोलने के लिए कभी माफी नहीं मांगेगे. इससे पहले लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि मंत्री गोली चलाने का आदेश नहीं देते और प्रदर्शनकारियों पर गोली नहीं चलाई गई थी.
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