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‘1947 में मोदी जैसा प्रधानमंत्री होता तो...’, कांग्रेस को घेरते योगी क्या बोले?

Uttar Pradesh के CM Yogi Adityanath ने एक प्रोग्राम में कहा कि अगर 1947 में देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi होते, तो देश को इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता.

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मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर जमकर बरसे. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले कांग्रेस पर भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के लिए जिम्मेदारी का आरोप लगाया और भाजपा के बयान में इसका उल्लेख किया।
  • योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के फैसलों और समाजवादी पार्टी की सरकार न होने की स्थिति को भारत में दंगों और अशांति के कारण के रूप में बताया, जिससे राज्य में हिंसा फैलने की आशंका रही।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार होती तो दंगे अधिक विकराल होते, और CAA विरोध के दौरान हुई आगजनी को रोकने में डबल इंजन सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-पाकिस्तान बंटवारे को लेकर कांग्रेस को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है. इतना ही नहीं, योगी ने ये भी कहा कि अगर 1947 में देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा होता तो कोई भारत का बाल भी बांका नहीं कर पाता. योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया और कहा कि ‘सीएए प्रोटेस्ट के दौरान अगर उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार होती तो राज्य दंगों से नहीं उबर पाता.’

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योगी कांग्रेस पर भड़के

यूपी की राजधानी लखनऊ में ‘बंटवारे की विभीषिका’ को याद करने के लिए एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया था. इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भारतीय जनता पार्टी के कई नेता शामिल हुए. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में भाषण देते हुए योगी ने कहा कि आजादी के बाद अगर सरदार वल्लभभाई पटेल प्रधानमंत्री बनते तो भारत के टुकड़े नहीं होते. योगी ने कांग्रेस पर ‘सत्ता की भूखी’ होने का आरोप लगाया और कहा कि देश को कांग्रेस के फैसलों की भारी कीमत चुकानी पड़ी है. योगी ने कहा, 

अगर उस समय (आजादी के वक्त) नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री होता तो भारत का कोई बाल बांका नहीं कर पाता. लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसा प्रधानमंत्री होता तो भारत की एकता को भी खंडित नहीं कर पाता.

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योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कांग्रेस को ‘बुजदिल’ बताया और कहा कि देश को इसके दुष्परिणाम भोगने पड़े. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने CAA पर विपक्षी पार्टियों द्वारा किए गए ‘विरोध’ पर निशाना साधा. उन्होंने कहा,

CAA एक्ट मोदी जी लेकर आए थे कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से कोई हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, पारसी और बौद्ध, अगर वहां से निकाला गया है और भारत में शरण लिए 5 साल हो गया है तो उसे हम उसे भारत की नागरिकता देंगे. इसमें ये कही नहीं था कि हम मुसलमान की जमीन लेंगे. कांग्रेस की जमीन लेंगे या सपा की जमीन लेंगे. लेकिन देश के अंदर आंदोलन करने के प्रयास हुए.

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर में भी आगजनी करने की कोशिश की गई. मुख्यमंत्री ने कहा,

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गनीमत थी कि यूपी में डबल इंजन की सरकार थी. आप सोचो अगर यूपी में सपा की सरकार होती तो क्या यूपी दंगों की आग से उबर पाता. किस तरह का नग्न तांडव होता था. वो तो दंगाइयों को मालूम था कि अब दंगा की कीमत क्या चुकानी है.

बांग्लादेश हिंसा पर चुप रहने का आरोप

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों पर भी कांग्रेस चुप रही. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को डर था कि बांग्लादेश में हुई घटनाओं पर बोलने से यहां उनका वोट बैंक खिसक सकता है. योगी ने कहा कि कांग्रेस के लिए दलित हिंदुओं की हत्या कोई मायने नहीं रखती है. उनके लिए बस अपना वोट बैंक की मायने रखता है.

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