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अपने भतीजे अभिषेक को चुनो या मुझे... क्या हुआ जो कल्याण बनर्जी को भी ममता से ये कहना पड़ा?

Kalyan Banerjee: TMC के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के सामने शर्त रख दी है. उन्होंने कहा है कि पार्टी बर्बाद हो गई, लेकिन अभिषेक बनर्जी का घमंड नहीं गया. ऐसे में या तो पार्टी में अभिषेक बनर्जी रहेंगे या फिर वे खुद.

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कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के सामने शर्त रख दी. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर फर्जी हस्ताक्षर केस में धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अब अभिषेक के लिए केस नहीं लड़ेंगे।
  • ममता बनर्जी के करीबी नेताओं के इस्तीफे और पार्टी में बगावत के कारण टीएमसी में अंतर या विवाद उत्पन्न हुआ है, जिसके कारण कल्याण बनर्जी ने भी पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी है।
  • कल्याण बनर्जी के बयान से टीएमसी में आंतरिक संकट स्पष्ट होता है, इसके बाद पार्टी नेतृत्व को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए रणनीति बनाने की संभावना बढ़ गई है।

TMC से लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा है. उनका दावा है कि अभिषेक ने उन्हें ऐन मौके पर फर्जी हस्ताक्षर केस से पीछे हटने को कह दिया. इसी बात से नाराज़ होकर उन्होंने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के आगे एक शर्त रख दी. उन्होंने कहा, ‘अभिषेक बनर्जी बहुत घमंडी आदमी हैं. ममता बनर्जी को अपने भतीजे और हम में से किसी एक को चुनना होगा.’

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कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर कई आरोप लगाए. इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार इंद्रजीत से बातचीत में उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को अब किसी एक को ही चुनना होगा. उन्होंने साफ़ किया कि अभिषेक बनर्जी उनपर कभी भरोसा नहीं करते. वे कल केस लड़ने की तैयारी कर रहे थे और रात में उन्हें पता चला कि वकील बदल दिया गया है. अब उनकी जगह किशोर दत्ता केस लड़ेंगे. 

अभिषेक बनर्जी पर जमकर बरसे कल्याण

कल्याण बनर्जी ने अभिषेक के इस फैसले को अपमानजनक बताया. इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा, 

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‘मैं केवल ममता बनर्जी के लिए काम करता हूं. किसी और के लिए नहीं. कौन हैं अभिषेक बनर्जी? आज पार्टी को बर्बादी की राह पर ले जाने वाले अभिषेक बनर्जी ही हैं. अब ममता दीदी के हाथ में है कि वो क्या चाहती हैं. मैंने बंगाल के लिए क्या किया है, मुझे इसकी लिस्ट देने की ज़रूरत नहीं है.’ 

कल्याण बनर्जी ममता के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं. फर्जी हस्ताक्षर केस, जिसमें अभिषेक बनर्जी आरोपी हैं, उसमें भी कल्याण बनर्जी ही वकील थे. कल्याण बनर्जी ने ये साफ़ किया कि अब वे अभिषेक के लिए केस नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा ‘कोई मुझे डस्टबिन की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता.’ 

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TMC सांसदों ने दिया इस्तीफा

विधानसभा चुनाव हारने के एक महीने बाद ही पार्टी बिखरने लगी. 27 मई को पार्टी की राज्यसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. फिर 8 जून को ममता के करीबी राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने भी इस्तीफा दे दिया. और कल 10 जून को भी ममता की एक और करीबी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव का इस्तीफा हो गया. यानी एक महीने में तीन इस्तीफे. 

इससे कुछ रोज पहले TMC के 80 विधायकों में से 60 ने ममता बनर्जी द्वारा शोवनदेब चटर्जी को विपक्ष का नेता चुने जाने के खिलाफ बगावत कर दी थी. इन सबने मिलकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुन लिया. इसी दौरान एक अन्य बागी गुट ने दावा किया कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 एनडीए का साथ देना चाहते हैं. अब कल्याण बनर्जी के इस बयान को TMC के ताबूत में आखिरी कील की तरह देखा जा रहा है. 

वीडियो: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला

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