केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के बीच विवाद जारी है. मंगलवार, 24 जनवरी को सरकार ने सीनियर एडवोकेट नीला केदार गोखले को बॉम्बे हाई कोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किए जाने का नोटिस जारी कर दिया. लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि जिन नामों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिली है उसमें सीनियर एडवोकेट सौरभ कृपाल का नाम शामिल नहीं है. देखिए वीडियो.
जिस समलैंगिक वक़ील को लेकर कोर्ट और मोदी सरकार में विवाद थम नहीं रहा, उसने अब क्या कहा?
जिन नामों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिली है उसमें सीनियर एडवोकेट सौरभ कृपाल का नाम शामिल नहीं है
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