जेफ्री एपस्टीन के यौन अपराधों ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. उसके आइलैंड पर वयस्क महिलाओं से लेकर छोटी बच्चियों के साथ जो हुआ, उसकी तस्वीरों और वीडियो समाज को रोज विचलित कर रहे हैं. लेकिन जेफ्री एपस्टीन ने ये सब अकेले नहीं किया. सीरियल सेक्स ऑफेंडर का साथ दिया उसकी प्रेमिका और पार्टनर गिलेन मैक्सवेल ने. वो हर उस चीज के लिए एक आखिरी 'फिल्टर' थी जिसे एप्स्टीन तक पहुंचना होता था.
सांसद की बेटी, जेफ्री एपस्टीन के लिए लड़कियां लाती... जेल में बंद गिलेन मैक्सवेल है कौन?
Epstein files Ghislaine Maxwell: गिलेन मैक्सवेल और जेफ्री एपस्टीन की मुलाकात 1991 में हुई. न्यूयॉर्क में गिलेन और जेफ्री एपस्टीन मिले थे. करीबियां बढ़ने लगीं. फिर गिलेन ही एपस्टीन के काले कारनामों में उसकी सबसे बड़ी साथी बन गई. नामी लोगों की एपस्टीन से दोस्ती करवाना और उसके लिए लड़कियां लाना, ये सब वह करती कैसे थी? जानिए पूरी कहानी.
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गिलेन और एपस्टीन की मुलाकात 1991 में न्यूयॉर्क में हुई. जल्दी ही करीबियां बढ़ने लगीं. गिलेन को लगता था सर्वाइव करने का एक ही तरीका है, सामने वाले को खुश रखना. उसने एपस्टीन के साथ वही किया. उसके नागवार कामों में साथ देकर उसे खुश किया. एपस्टीन पेशे से फाइनेंसर था. उसके पास पैसा था लेकिन गिलेन के पास वो 'क्लास' और 'कनेक्शन्स' थे जो एपस्टीन को चाहिए थे.
एक-दूसरे के लिए फिट कैसे थे?
साल 1961 में फ्रांस में गिलेन का जन्म हुआ. पिता का नाम रॉबर्ट मैक्सवेल था. वो एक बड़े पब्लिशिंग हाउस के मालिक होने के साथ सांसद भी थे. गिलेन 9 भाई-बहनों में सबसे छोटी थी. बचपन में गिलेन पर किसी का ध्यान ही नहीं गया. उसे वो इमोशनल सपोर्ट नहीं मिला जिसकी एक बच्चे को जरूरत थी. ऐसा उसकी मां ने बाद के एक इंटरव्यू में बताया.
लेकिन जैसे-जैसे छोटी गिलेन बड़ी हुई, गायब हुआ इमोशनल सपोर्ट वापस लौटा. वो अपने पिता की सबसे लाडली संतान बन गई. उसकी हर मांग पूरी की जाती. वो पढ़ाई में होनहार भी थी. लेकिन कॉलेज के दिनों में वो भटकने लगी थी. उसके स्कूल फ्रेंड्स ने कई इंटरव्यूज में बताया है कि गिलेन का ध्यान सिर्फ पावरफुल, रसूखदार और हाई स्टेट्स वाले लोगों पर ही रहता था. उसे इस बात का जुनून था कि किसी भी महफिल में मौजूद सबसे महत्वपूर्ण और ताकतवर इंसान को कैसे पहचाना जाए और उसके करीब कैसे पहुंचा जाए.
1991 में स्पेन के कैनरी आइलैंड में गिलेन के पिता अपनी नाव ‘लेडी गिलेन’ से गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद गिलेन ने भी अपना घर छोड़ दिया. न्यूयॉर्क चली आई और वहां जेफ्री एपस्टीन से मिली.
न्यूयॉर्क में गिलेन ने सबसे पॉश-सबसे महंगे इलाकों में शुमार फ्लोरिडा के पाम बीच में बंगला लिया. डॉनल्ड ट्रंप का भी एक आलीशान घर यहां मौजूद है. यहां पर गिलेन और एपस्टीन ने मिलकर एक ऐसा नेटवर्क बनाया जिसने दुनिया के ताकतवर लोगों को अपनी मुट्ठी में कर लिया. ट्रंप, बिल क्लिंटन, बिल गेट्स, स्टीफन हाकिंस, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू, नोआम चोम्स्की, एलन मस्क, रिचर्ड ब्रानसन सरीखे हाई प्रोफाइल नाम इसमें शामिल थे.
गिलेन ही जेफ्री एपस्टीन तक लड़कियों को लाने का काम करती थी. 1994 से 2004 के बीच नाबालिग लड़कियों को फंसाने, उन्हें ग्रूम करने और उनके यौन शोषण में उसने एपस्टीन की मदद की. साथ ही उन लड़कियों को जेफ्री के क्लाइंट्स तक भेजने का काम भी करती थी.
एपस्टीन केस में पीड़ित महिलाओं का आरोप था कि गिलेन जानबूझकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की लड़कियों को अपना निशाना बनाती थी. वो उन्हें महंगे गिफ्ट्स देती थी और उनके सामने 'सेक्स टॉक्स' करती थी ताकि लड़कियां इन बातों को लेकर सहज हो जाएं. जब लड़कियां पहली बार एपस्टीन से मिलतीं तो मैक्सवेल एक भरोसेमंद के तौर पर वहां मौजूद भी रहती थी.
आरोप लगाने वालों में एक लड़की वर्जीनिया गिफ्रे शामिल थी. उसका दावा था कि गिलेन ने उसे तब फंसाया, जब वो ट्रंप के घर 'मार-अ-लागो' में काम कर रही थी. वर्जीनिया ने गिलेन और प्रिंस एंड्रयू दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. वर्जीनिया ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने उसे मजबूर किया कि वो प्रिंस को ‘खुश’ करे. इस आरोप से प्रिंस एंड्रयू ने इनकार किया.
फिर एक तस्वीर लीक हुई. एक कमरे में तीन लोग थे. बीच में वर्जीनिया और प्रिंस एंड्रू. प्रिंस का हाथ उसकी कमर पर था. किनारे एक और चेहरा था. गिलेन मैक्सवेल का. लेकिन साल 2022 में वर्जीनिया ने गिलेन और प्रिंस एंड्रयू दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. जो बाद में आपसी समझौते के साथ खत्म हुआ.
अगर आप खबरें खंगालेंगे, तो पता चलेगा कि गिलेन लड़कियों के शोषण को एक 'सामान्य' बात की तरह पेश करती थी. कभी-कभी वह खुद भी इस शोषण में शामिल होती थी. शोषण के बाद लड़कियों को पेमेंट कैश में दी जाती थी और कुछ को दूसरी लड़कियों की तलाश के लिए भी कहा जाता था. लेकिन गिलेन और एपस्टीन का ये पूरा क्राइम नेटवर्क खुला कैसे?
कैसे खुला ये क्राइम नेटवर्क?14 मार्च 2005. अमेरिका के पाम बीच इलाके की पुलिस के पास एक फोन आया. फोन के दूसरी तरफ एक महिला थी. उसने कहा कि पाम बीच के एक बंगले में उसकी 14 साल की बच्ची का यौन शोषण हुआ है. पुलिस ने पड़ताल की. जांच आगे बढ़ी तो तीस से ज्यादा लड़कियों का नाम आया. उनसे बयान लिए गए. जिसमें एक पैटर्न का खुलासा हुआ.
खुलासा ये कि सारी की सारी पीड़िताएं यौन शोषण के समय नाबालिग थीं. वो मिडिल क्लास परिवारों से ताल्लुक रखती थीं. उन्हें पॉकेटमनी माने जेब खर्च के लिए एक्स्ट्रा पैसों की जरूरत थी. किसी दोस्त के जरिए इन लड़कियों को जेफ्री के बारे में कॉलेज में पता चला था. उनकी दोस्त ने बताया कि पाम बीच पर एक बंगला है. वहां एक अधेड़ आदमी जेफ्री एपस्टीन रहता है.
दोस्त ने उन लड़कियों को बताया कि वो कॉलेज की लड़कियों को मसाज के लिए दो सौ डॉलर देता है. लड़कियां इसके लिए हामी भर देती थीं. फिर उसकी दोस्त उस लड़की को बंगले तक छोड़कर लौट आती. जहां एपस्टीन उनका बलात्कार करता था. उन्हें पैसे के साथ-साथ एक ऑफर भी देकर वापस भेजता था. ऑफर ये दिया जाता कि अगर तुमने एक और लड़की को यहां आने के लिए राजी किया तो कमीशन मिलेगा. ये काम एपस्टीन अकेले नहीं करता था. उसका साथ देती थी गिलेन मैक्सवेल.
जेफ्री के ऊपर केस तो बना पर 2008 में सारा मामला निपटा दिया गया. उसके खिलाफ कुल 36 लड़कियों के बयान थे. कुछ गुनाह उसने खुद कबूल किए. लेकिन स्टेट प्रासीक्यूटर्स ने उन बयानों की गंभीरता को नजरअंदाज किया. उन्होंने केस बंद करने की डील कर ली. फिर भी 18 महीने की सजा हुई. वो भी ऐसी जिसमें दिन में बाहर घूम सकता था. 13 महीने में छूट गया.
उसके लिए कुछ नहीं बदला था. छूटने के बाद अपने काम पर वापस लौट गया. उसका एलीट पार्टियों में आना-जाना जारी रहा. उसके अमेरिका के कई पॉश इलाकों में बंगले थे. उसने वहां पर मजा करना जारी रखा. उधर पीड़िताएं न्याय के लिए संघर्ष करती रहीं. महिलाओं ने मुखर होकर बोलना शुरू किया. उसके ऊपर केस दर्ज कराए. 6 जुलाई 2019 को एपस्टीन फिर से गिरफ्तार हुआ. उसके न्यूयॉर्क वाले बंगले की तलाशी हुई. वहां से चाइल्ड पोर्न मिला. हर कमरे में कैमरे थे.
जेफ्री जमानत के लिए अपनी पूरी संपत्ति दांव पर लगाने के लिए तैयार था. लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया. उसके घर से नकली पासपोर्ट भी मिले. यानी भागने की तैयारी पूरी थी. 2012 के बाद गिलेन अलग रहने लगी. वो चर्चा से गायब हो गई. 2019 में जब एप्स्टीन को दोबारा सेक्स-ट्रैफिकिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया, तो कुछ हफ्तों बाद जेल में उसकी मौत हो गई. जेफ्री का केस खुलने और उसकी मौत के बाद एक बार फिर गिलेन की चर्चा शुरू हुई. जुलाई 2020 में गिलेन को न्यू हैम्पशायर के आलीशान बंगले से अरेस्ट कर लिया गया.
2021 में एक महीने तक चले ट्रायल के बाद जूरी ने उसे एक नाबालिग की सेक्स ट्रैफिकिंग समेत कई अपराधों में दोषी पाया. उसने साल 2016 में स्कॉट जेराल्ड से शादी की थी, जो साल 2021 में टूट गई. उसे 2022 में 20 साल की सजा सुनाई गई. वो फिलहाल जेल में है और सजा काट रही है. जब ये गुबार थमा ही था, तो कागजों का एक पुलिंदा सामने आया. नाम था ‘एपस्टीन फाइल्स.’
‘एपस्टीन फाइल्स’ में कोर्ट के दस्तावेज. जेफ्री एपस्टीन के प्राइवेट जेट की फ्लाइट लॉग्स. उसकी बदनाम छोटी ब्लैक बुक, जिसमें हजारों बड़े-बड़े लोगों के नंबर थे. उसके ईमेल. उसका कैलेंडर. उसके पैसों का पूरा हिसाब. उसकी तस्वीरें जिनमें छोटे बच्चे और रसूखदार लोग साफ देखे जा सकते हैं.
लेकिन इस कलेक्शन का सबसे विस्फोटक हिस्सा बनी, एक तथाकथित क्लाइंट लिस्ट. कहते हैं ये वो लिस्ट है, जिसमें हर उस बड़े आदमी का नाम है, जो एपस्टीन के रैकेट में शामिल था. इस रैकेट में डॉनल्ड ट्रम्प, बिल क्लिंटन, बिल गेट्स, सटीफेन हाकिंस समेत ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू का नाम भी आया.
गिलेन मैक्सवेल कोई लाचार या बेगुनाह महिला नहीं थी. उसने रसूख का इस्तेमाल बुराई का साथ देने के लिए नहीं, बल्कि उस बुराई को ऑर्गेनाइज करने के लिए भी किया. उसने केवल गलत काम होते देखा नहीं, बल्कि उस पूरे काले साम्राज्य को चलाने में मुख्य भूमिका निभाई. मैक्सवेल के पास एपस्टीन के नेटवर्क की बहुत गहरी जानकारी है और लोग आज भी जानना चाहते हैं कि वह क्या-क्या जानती है. अगर आप जानना चाहते हैं कि गिलेन कौन थी, तो नेटफ्लिक्स पर Ghislaine Maxwell: Filthy Rich देख सकते हैं.
वीडियो: जेफरी एपस्टीन की मौत का पूरा सच क्या है?













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