‘भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा... ', अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इस बयान पर अब रूस का बयान आया है. उसने कहा है कि भारत दुनिया के किसी भी देश से क्रूड ऑइल यानी कच्चा तेल खरीदने के लिए आजाद है. उसका ये भी कहना है, 'भारत के अलग-अलग मुल्कों से तेल खरीदने की कोशिश न तो नई है और ना ही रूस को टारगेट करने वाली है.’
"भारत के इस फैसले के हम टारगेट... ', इंडिया के यूएस से ज्यादा तेल खरीदने के फैसले पर रूस क्या बोला?
India-US trade deal पर बोलते हुए Russia ने ये भी कहा है कि भारत दुनिया के किसी भी देश से क्रूड ऑइल यानी कच्चा तेल खरीदने के लिए आजाद है.


बुधवार, 4 फरवरी को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ये बयान दिया. उन्होंने कहा कि रूस कभी भी भारत का अकेला एनर्जी पार्टनर नहीं रहा है और इसलिए अगर वो अपने तेल के सोर्स में बदलाव करता है तो ये एक सामान्य बात है.
दिमित्री पेस्कोव ने रूस की राजधानी मॉस्को में मीडिया से बातचीत में कहा,
‘हम और दुनियाभर के एनर्जी से जुड़े विशेषज्ञ ये बात अच्छी तरह जानते हैं कि रूस भारत को कच्चा तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सप्लाई करने वाला दुनिया का इकलौता देश नहीं है. भारत ने हमेशा ऐसे प्रोडक्ट्स अन्य देशों से भी खरीदे हैं. इसलिए हमारा मानना है कि भारत की हालिया कोशिश में कुछ भी नया नहीं है.’
इस दौरान दिमित्री पेस्कोव ने ये भी बताया कि मॉस्को को भारत से रूसी तेल खरीदना बंद करने के बारे में कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने एक दिन पहले भी ऐसी ही बात कही थी और इस बात पर ज़ोर दिया था कि भारत से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है.
वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि हाइड्रोकार्बन व्यापार दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और हम भारत के सहयोग की सराहना करते हैं.
उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा,
‘रूस से भारत का हाइड्रोकार्बन खरीदना दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है और इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है. हम अपने भारतीय पार्टनर्स के साथ करीबी सहयोग जारी रखने के लिए तैयार हैं.’
रूस की तरफ से ये भी कहा गया है कि भारत-रूस संबंध केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं हैं. दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग दशकों पुराना है. मॉस्को का कहना है कि वह वैश्विक दबावों के बावजूद इस साझेदारी को बनाए रखना चाहता है.
आपको बताते चलें कि बीते सोमवार, 2 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत ने रूसी तेल खरीद रोकने पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि भारत रूस के बजाय अब अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा. ट्रंप के मुताबिक इसके बदले अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगने वाले आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को बड़ी राहत मिलेगी.
इसके बाद भारत में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत बदलती ग्लोबल परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने और अपने नागरिकों के लिए एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करने के मकसद से अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है.
वीडियो: भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने क्या बताया?











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