संसद में हमले के बाद अब जानकारियां सामने आ रही हैं. सामने आ रहे हैं आरोपियों के नाम और उनके काम. उनके घर के किस्से. उनके सोशल मीडिया के ब्यौरे सामने आ चुके हैं. उनकी शिकायतें क्या हैं - ये भी पता चल चुका है. उनके खिलाफ वो कानून लगा दिया गया है, जो आतंकियों के खिलाफ लगाया जाता है. यानी दोष साबित होने पर संसद के अंदर बाहर उत्पात मचाने वाले लोग आतंकवादी कहे जाएंगे. सुरक्षाकर्मियों को भी सस्पेन्ड करने का आदेश पकड़ा दिया गया है. जाहिर है कि उनकी तरफ से भी चूक हुई थी. लेकिन इन आरोपियों को संसद में एंट्री दिलाने वाले मैसूर के भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी को सफाई देकर खाली हो जाएंगे? ऐसे सवाल उठ रहे हैं. ये सवाल तब और जरूरी हो जाते हैं जब संसद से सांसदों को निलंबन और निष्कासन बेहद तैयारी, मुस्तैदी और नियमों को ध्यान में रखकर किया जाता हो. और एक सिटिंग सांसद के बुलावे पर आए लोगों को आतंकियों वाली धाराओं में बुक कर दिया जाए. आज इन सभी चीजों पर आज शो में बात करेंगे.
दी लल्लनटॉप शो: संसद पर हमला या सुरक्षा में सेंध: सच क्या है?
घटना वाले दिन संसद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी सस्पेन्ड करने का आदेश पकड़ा दिया गया है. जाहिर है कि उनकी तरफ से भी चूक हुई थी.
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