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'सबसे जरूरी काम तो अभी बाकी... ', ईरान-अमेरिका सीजफायर पर दुनियाभर के देशों ने क्या कहा?

Iran-America Ceasefire: अमेरिका और ईरान दोनों ने सीजफायर पर सहमति जताई है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा है. 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहली बैठक होगी. इस सीजफायर पर अमेरिका और ईरान के अलावा दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

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ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच सीजफायर पर बाकी देशों ने बयान जारी किया. (फोटो-इंडिया टुडे)

पश्चिम एशिया में जंग दो हफ्ते के लिए रोक दी गई है. अमेरिका और ईरान दोनों ने इस सीजफायर पर सहमति जताई है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा है. अब इस समझौते की पहली बैठक 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होगी. इसे ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ कहा जा रहा है. अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान ने पोस्ट कर सीजफायर की जानकारी दी. 40 दिन से चल रहे इस युद्ध के सीजफायर पर ट्रंप, ईरान के अलावा दुनिया के बाकी देशों की भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

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सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, जापान और न्यूजीलैंड ने अब तक इस सीजफायर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सऊदी अरब की तरफ से बताया गया है कि सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का फोन आया. इस बातचीत के दौरान उन्होंने क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों और स्थिरता हासिल करने के प्रयासों पर चर्चा की और बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पर सहमति बनी है.

वहीं रॉयटर्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा, 

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‘ऑस्ट्रेलिया अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम पर बनी सहमति का स्वागत करता है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार शुरू से इस जंग का विरोध करती आई है.’

जापानी मीडिया के मुताबिक़, जापान ने इस सीजफायर को ‘पॉजिटिव मूव’ बताया है. जापान का कहना है कि इस जंग को जल्द-से-जल्द ख़त्म होना चाहिए. प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी शुरू से इस जंग का विरोध किया है.  

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न्यूज़ीलैंड ने सीजफायर पर कहा, 

‘हम इस संघर्ष को समाप्त करने के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं. यह एक उत्साहजनक खबर है, फिर भी आने वाले दिनों में एक स्थायी संघर्ष-विराम सुनिश्चित करने के लिए अभी भी काफी महत्वपूर्ण काम किया जाना बाकी है. हम पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे अन्य देशों के प्रयासों के लिए आभारी हैं.’ 

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वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि बातचीत जारी रहेगी. लेविट ने कहा कि प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप का बयान ही आगे की दिशा तय करेगा. बातचीत का आधार क्या होगा राष्ट्रपति के रुख से तय होगा. 

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