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'ट्रंप की ये बात मंजूर नहीं... ', ईरान की सभ्यता खत्म करने की धमकी पर पोप लियो ढंग से सुनाया

Pope Leo अपने शब्दों को ध्यान से चुनने के लिए भी जाने जाते हैं. वे लगातार ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग की आलोचना कर रहे हैं. पिछले हफ्ते भी पोप ने Donald Trump से जंग रोकने की सीधी अपील की थी.

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पोप लियो (बाएं) अमेरिका में जन्मे पहले पोप हैं. (AP)

अमेरिका और ईरान ने सीजफायर का ऐलान तो कर दिया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बर्ताव से रोमन कैथोलिक चर्च के पोप लियो XIV बेहद नाराज हैं. वजह है ट्रंप की ईरान की सभ्यता खत्म करने की धमकी. सीजफायर होने से पहले डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को ये धमकी दी थी. वेटिकन सिटी के प्रमुख पोप लियो ने कहा कि ट्रंप की ईरान के लोगों के खिलाफ धमकियां 'मंजूर नहीं हैं.'

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मंगलवार, 7 अप्रैल को डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद हो जाए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उसी दिन पोप लियो ने ट्रंप की धमकी पर कहा,

"आज, जैसा कि हम सभी जानते हैं, ईरान के सभी लोगों के खिलाफ यह खतरा है, और यह सच में मंजूर नहीं है."

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कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु ईरान युद्ध के मुखर आलोचक के तौर पर उभरे हैं. उन्होंने आगे कहा,

"यहां निश्चित तौर पर इंटरनेशनल कानून के मुद्दे हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा यह (दुनिया के) लोगों की भलाई के लिए एक नैतिक सवाल है."

पोप लियो का बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि वे अमेरिका में जन्मे पहले पोप हैं. बहुत कम देखने को मिलता है कि दुनिया भर में 1.4 अरब कैथोलिक लोगों को लीड करने वाले पोप, किसी वर्ल्ड लीडर को सीधे जवाब दें.

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पोप लियो अपने शब्दों को ध्यान से चुनने के लिए भी जाने जाते हैं. वे लगातार ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग की आलोचना कर रहे हैं. पिछले हफ्ते भी पोप ने डॉनल्ड ट्रंप से जंग रोकने की सीधी अपील की थी. उन्होंने ट्रंप से युद्ध खत्म करने के लिए रास्ता खोजने को कहा था.

डॉनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने 'पूरी सभ्यता' को खत्म करने की धमकियों को नजरअंदाज किया है. रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, "वे (डॉनल्ड ट्रंप) ट्रंप-स्टाइल में बातचीत कर रहे हैं."

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के रिपब्लिकन चेयर ब्रायन मास्ट ने कहा कि प्रेसिडेंट की बात को गंभीरता से ना लें. मास्ट ने कहा,

"वे उनसे कह रहे हैं- ‘अरे, आपके पास यह करने का मौका है, या हम मिलिट्री ऑपरेशन्स में जो कर रहे हैं, उसे और बढ़ा देंगे... मुझे नहीं लगता कि वे वहां बैठकर कह रहे हैं, ‘मैं तुम्हारे आदमियों, औरतों, बच्चों, लड़ाकों, नॉन-कॉम्बैटेंट्स, सबको खत्म कर दूंगा.' पर्सनली, मुझे नहीं लगता कि उनके दिमाग में यह बात है."

लेकिन डॉनल्ड ट्रंप के आलोचकों ने उनके पोस्ट को नरसंहार की तरह लिया है. उन्होंने ट्रंप के बयान के बाद यह भी चिंता जताई थी कि ईरान पर न्यूक्लियर हथियार से हमला हो सकता है, जिसका वाइट हाउस ने खंडन किया है. सीनेट कमेटी ऑन आर्म्ड सर्विसेज के टॉप डेमोक्रेट और अमेरिका की सेना में रह चुके जैक रीड ने एक बयान में कहा कि किसी सभ्यता को खत्म करने की धमकी नरसंहार के बराबर है.

वीडियो: अमेरिका, इजरायल ने ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए शुरू, कहां-कहां किया अटैक?

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