कवि और आलोचक पंकज चतुर्वेदी ने मंगलेश डबराल को याद करते हुए उनकी कविता के बारे में बताया, 9 दिसंबर को कोविड -19 के साथ लड़ाई के बाद उनका निधन हो गया था. कविता की अपनी अलग शैली के कारण, मंगलेश ने कई लोगों को प्रभावित किया और कई युवा कवियों पर अपना प्रभाव छोड़ा और उनके जाने के बाद सभी लोग उन्हें अपने-अपने तरीके से याद कर रहे हैं. देखिए कवि पंकज चतुर्वेदी से ये ख़ास बातचीत.
कवि पंकज चतुर्वेदी ने मंगलेश डबराल की कविता और यारबाज़ी को कुछ यूं याद किया
देखिए, कवि और आलोचक पंकज चतुर्वेदी से ख़ास बातचीत
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)










.webp?width=275)
.webp?width=275)

.webp?width=275)
.webp?width=120)
.webp?width=120)
.webp?width=120)




