संसद में 18वीं लोकसभा के लिए अभिभाषण देने 27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन से निकल रही थीं. उनकी गाड़ी के इर्द-गिर्द घुड़सवारों का एक समूह राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल में अक्सर ही नज़र आते हैं. घोड़ों पर सजे-धजे ये राष्ट्रपति के अंगरक्षक होते हैं. वक्त के साथ कई चीज़ें बदल गईं लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए बरसों पुरानी ये परंपरा नहीं बदली. घोड़ों पर सवार अंगरक्षक अब भी उनके साथ चलते हैं. क्या है इनकी पूरी कहानी, जानने के लिए देखिए वीडियो.
राष्ट्रपति के साथ घुड़सवारों के चलने की परंपरा शुरू कहां से हुई?
राष्ट्रपति के अंगरक्षक, जिसे अंग्रेज़ी में President's Bodyguard या PBG कहा जाता है. ये घुड़सवार रेजिमेंट करीब 250 बरस पुरानी है. ये राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगी रहने वाली रेजीमेंट है.
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