रेत के ढेर पर खड़े 66 परिवारों की कहानी. जिनके हाथों में दो सीप रखे थे. एक उजला और दूूसरा सफेद. एक पर नाम लिखा था, दूसरे पर नंबर. नंबर माने ज़मीन का टुकड़ा. फिर उन परिवारों ने वहां पर नया गांव बसाया. वो साल 1909 था. 112 बरस बाद वो गांव दुनिया का सबसे महंगा शहर बन चुका है. पैरिस, टोक्यो, ओसाका, सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग जैसे चिर-परिचित नामों को पीछे छोड़कर. ये शहर कौन सा है और इसकी पूरी कहानी क्या है? महंगे शहरों वाली लिस्ट कैसे तैयार होती है? और, लिस्ट में पांच सबसे महंगे और सबसे सस्ते शहर कौन से हैं? देंखें वीडियो.
दुनियादारी: ये हैं दुनिया के सबसे महंगे और सबसे सस्ते शहर, लिस्ट में भारत भी है
महंगे शहरों वाली लिस्ट कैसे तैयार होती है?
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