चुनाव आयोग ने पिछले दिनों उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका दिया था. आयोग ने शिवसेना के नाम और निशान पर अधिकार एकनाथ शिंदे गुट को दे दिए थे. यानी आधिकारिक तौर पर शिवसेना पर अब शिंदे गुट का कब्जा हो गया है. पार्टी का नाम और निशान मिलने के बाद शिंदे गुट अब शिवसेना भवन और शिवसेना की शाखाओं पर अधिकार की बात भी कर रहा है. शिवसेना की स्थापना संस्थापक बाल ठाकरे ने साल 1966 में की थी. पार्टी की स्थापना के आठ साल बाद, यानी 1974 में बाल ठाकरे ने शिवसेना भवन स्थापित किया था. शिवसेना के अधिकार शिंदे गुट को मिलने के बाद से शिवसेना भवन पर दावेदारी की बात भी जोरों पर है. देखिए वीडियो.
उद्धव ठाकरे से नाम-सिंबल के बाद शिवसेना भवन लेना आसान है क्या?
आयोग ने शिवसेना के नाम और निशान पर अधिकार एकनाथ शिंदे गुट को दे दिए थे.
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