ग्लासगो कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ द पार्टीज़ (COP26) का मेज़बान शहर है. COP26 को कई बार ‘कॉप-26’ भी कहा जाता है. आज के शो में भी हम कॉप-26 ही बोलेंगे. ग्लासगो में लगभग दो सौ देशों के नेता कॉप-26 में हिस्सा लेने के लिए जमा हुए हैं. उनके ऊपर दबाव है कि वो धरती के सामने मौजूद पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर ठोस और समावेशी प्लान पेश करें. अगस्त 2021 में आई IPCC की रिपोर्ट के बाद से चिंताओं का ग्राफ़ बहुत ऊपर जा चुका है. IPCC की रिपोर्ट में कहा गया था कि कॉप-26 में बात नहीं बनी तो तबाही निश्चित है. IPCC की रिपोर्ट में क्या चेतावनी दी गई थी? कॉप-26 की पूरी कहानी क्या है? ग्लासगो में हो रहे ग्लोबल समिट से दुनिया को क्या उम्मीदें हैं? कॉप-26 की आशंकाएं क्या हैं? और, अगर ग्लासगो में बात नहीं बनी तो क्या होगा? देखें वीडियो.
दुनियादारी: COP26 क्या है और इस पर पूरी दुनिया की नज़र क्यों बनी हुई है?
ग्लासगो इस साल के कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ द पार्टीज़ का मेज़बान शहर है.
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