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यूपी की SDM घूंघट काढ़ कर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं, हालत देखकर हैरान, कार्रवाई के आदेश

युवा SDM कृति राज के पास शिकायत आई थी कि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है. दवाएं समय पर नहीं दी जाती हैं. उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लिया और सच्चाई जानने के लिए आम महिला की तरह वहां पहुंचीं.

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SDM कृति राज जांच करने के लिए चेहरा ढंककर पहुंचीं सरकारी अस्पताल. (तस्वीर- आजतक)

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की SDM सदर कृति राज इन दिनों सुर्खियों में हैं. मंगलवार 12 मार्च को इलाके के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का निरीक्षण करने के लिए कृति राज मरीज बनकर पहुंचीं, वो भी घूंघट में. पहले उन्होंने आम मरीजों की तरह लाइन में लगकर पर्चा बनवाया. इस दौरान घूंघट में ही महिला मरीजों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं भी जानीं. सेंटर में मौजूद कर्मियों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश भी जारी किए.

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक दरअसल, कृति राज के पास शिकायत आई थी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है. दवाएं समय पर नहीं दी जाती हैं. कुत्ते के काटने पर लगने वाले इंजेक्शन के लिए मरीजों को घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ता है. SDM ने शिकायत को गंभीरता से लिया और कार्रवाई करने का फैसला कर लिया. लेकिन तरीका बिल्कुल यूनीक. युवा ब्यूरोक्रेट अपने दुपट्टे का घूंघट बनाकर आम महिला की तरह केंद्र पर पहुंच गईं और स्वास्थ्य केंद्र की कमियों को खुद अनुभव किया.

कई कर्मचारी रहे गायब

सब जानने के बाद SDM कृति राज ने अपना परिचय देते हुए तत्काल जांच शुरू की. समय पर दवाएं नहीं मिलने की बड़ी समस्या को खुद चेक करने स्टाक रूम में पहुंचीं. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के एंट्री रजिस्टर की जांच की तो पाया कि उनमें से कुछ काम पर आए ही नहीं थे. कुछ के रजिस्टर में हस्ताक्षर थे, लेकिन वे स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद नहीं थे. वहां साफ-सफाई भी नहीं हो रही है. मरीजों को लगने वाले इंजेक्शन भी नहीं दिए जा रहे हैं.

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दोषियों पर कार्रवाई होगी

एसडीएम को डॉक्टरों का व्यवहार भी सही नहीं लगा. उन्होंने पाया कि स्टॉक में एक्सपायरी दवाएं भरी हुई थीं. 50 फीसदी एक्सपायरी दवाओं को आखिर स्टॉक से क्यों नहीं हटाया गया, क्या उनको मरीजों के बीच खपाया जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है. कृति राज ने बताया कि सभी बिंदुओं पर शिकायत बनाकर वो प्रशासन और शासन को भेज रही हैं ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके.

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