यूपी के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान (Rakesh Sachan) को 1991 के एक आर्म्स एक्ट मामले में दोषी करार दिया गया. 06 अगस्त, 2022 को कानपुर (Kanpur) की एक कोर्ट ने फैसला सुनाया. लेकिन आरोप है कि दोषी करार देने के बाद, इससे पहले कि कोर्ट उन्हें सजा सुनाती, राकेश सचान वकील की मदद से कोर्ट के आदेश की ओरिजिनल कॉपी लेकर ही भाग गए. आरोप ये भी हैं कि राकेश सचान जमानत का मुचलका भरे बिना ही कोर्ट से भाग गए. इस मामले में कोर्ट की पेशकार की तरफ से योगी के मंत्री राकेश सचान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.
योगी के मंत्री को अदालत ने दोषी करार दिया तो केस की फाइल लेकर कोर्ट से भाग गए!
1991 में राकेश सचान के पास अवैध हथियार बरामद हुआ था.

आरोप हैं कि राकेश सचान कोर्ट से भागने के बाद से फरार हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. हालांकि आज, 07 अगस्त को सुबह 10 बजे आजतक के संवाददाता समर्थ श्रीवास्तव से बात करते हुए राकेश सचान ने कहा कि वो कानपुर में अपने घर पर ही हैं. उन्होंने कहा कि कुछ देर में वो सीएम योगी से इस बारे में बात करेंगे. इस बीच सचान ने आरोप लगाए हैं कि मीडिया उनके बारे में मनगढ़ंत बातें फैला रहा है.
इधर, इस मामले में सचान और उनके वकील के भी अलग अलग बयान सामने आ रहे हैं. उनके वकील का कहना है कि बीमार होने की वजह से राकेश सचान कोर्ट से चले गए थे. जबकि सचान ने कहा कि कोर्ट में उनका कोई और मामला नहीं था, इसलिए वो कोर्ट से चले गए. सचान ने गुपचुप तरीके से कोर्ट से फरार होने के आरोपों से इनकार किया है.
इस मामले में कानपुर पुलिस का बयान भी सामने आया है. आजतक से बात करते हुए कानपुर पुलिस के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि कोर्ट की पेशकार कामिनी की तरफ से शिकायत दी गई है. मामले की जांच की जाएगी. हालांकि, खबर के मुताबिक ज्वाइंट सीपी ने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सचान के खिलाफ केस दर्ज हुआ या नहीं.
राकेश सचान किस मामले में दोषी?दरअसल ये मामला 1991 का है. उस दौरान राकेश सचान समाजवादी पार्टी के नेता थे. पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार बरामद किया था. इस मामले में सचान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. इसी मामले में 06 अगस्त को कानपुर की अदालत ने राकेश सचान को दोषी पाया.
राकेश सचान फिलहाल यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास MSME, खादी ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा, और वस्त्रोद्योग मंत्रालय हैं. सचान कानपुर के किदवई नगर इलाके के रहने वाले हैं. कानपुर के साथ-साथ सचान राजनीति में भी घाट-घाट छू कर आए हैं. राजनीति की शुरुआत उन्होंने समाजवादी पार्टी से की. 1993 और 2002 विधानसभा चुनाव में सचान कानपुर की घाटमपुर सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने.
2009 में समाजवादी पार्टी ने सचान को लोकसभा भेजा. वो यूपी की फतेहपुर सीट से सांसद चुने गए. हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने सपा छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर ली. कुछ साल कांग्रेस में रहने बाद सचान 2022 विधानसभा से ठीक पहले बीजेपी में आ गए. बीते चुनाव में बीजेपी ने उन्हें कानपुर की भोगनीपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया. जीत के बाद सचान को योगी कैबिनेट में जगह भी मिल गई.
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