भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार 7 अक्टूबर को भारी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स 500 से अधिक अंक गिर गया और निफ्टी 22,600 के नीचे आ गया. दोपहर 1:33 बजे सेंसेक्स 500 से अधिक अंक गिरकर 72,567 पर था, जबकि निफ्टी 22,600 के नीचे कारोबार कर रहा था.
ब्याज दरें बढ़ने के बाद सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा गिरा, अब आगे क्या होगा?
आरबीआई गवर्नर ने निकट भविष्य में रेपो रेट में कटौती की संभावना न होने का संकेत दिया है. इसका असर 7 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार मिला-जुला दिखाई दिया. दोपहर एक बजे के आसपास आज निफ्टी मिडकैप 100 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में बढ़त देखने को मिली.

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना न होने का संकेत दिया है. इसका असर शेयर बाजार मिला-जुला दिखाई दिया. कारोबार के दौरान निफ्टी मिडकैप 100 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में बढ़त देखने को मिली.
शेयर बाजार में आगे तेजी या मंदी ?कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और महंगाई पर दबाव के बने रहने के चलते पहले से इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है. ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वकार जावेद खान ने कहा कि रेपो रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बिल्कुल खत्म हो गई है. आरबीआई का फोकस आर्थिक ग्रोथ की तुलना में महंगाई को काबू में करने को लेकर ज्यादा नजर आ रहा है.
वकार जावेद खान ने आगे कहा, “बाजार के नजरिये से इस ब्याज दर में बढ़ोतरी का असर पहले से ही बाजार के वैल्यूएशन पर पड़ चुका था. आगे बाजार कैसा प्रदर्शन करेगा, यह कंपनियों के दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजों, उनकी कमाई और कंपनियों के पास आने वाले नकदी प्रवाह पर ज्यादा निर्भर करेगा.”
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निफ्टी पर तकनीकी नजरिया6 अक्टूबर को निफ्टी के 22,800 के करीब पहुंचने पर आई राहत, आज रुक गई, लेकिन जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स को 22,930 या 23,100-23,220 के स्तर पर तेजी जारी रहने की उम्मीद है.
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