ग्रुप में यह पोस्ट की है जिसे अब तक 500 से अधिक लोग शेयर कर चुके हैं.
इस पोस्ट को आप यहां
देख सकते हैं. इसके आर्काइव वर्ज़न को यहां
देखा जा सकता है.

पोस्ट देखिए.
कई लोग इस बात को अपने फेसबुक वॉल पर लिख रहे हैं.

कुछ उदाहरण देखिए.
कुछ लोगों ने इस पोस्ट को कुलदीप यादव से जोड़कर लिखने लगे. ऐसा ही एक उदाहरण देखिए.

क्या है इस पोस्ट की असलियत
इस पोस्ट को सबसे पहले फेकिंग न्यूज़ नाम की वेबसाइट ने अपने फेसबुक पर 23 अप्रैल की शाम 4 बजे शेयर किया था. बाद में इस पोस्ट को फेसबुक पर लोगों ने सच बताकर पोस्ट करना शुरू कर दिया. फेकिंग न्यूज़ की फेसबुक
पेज पर और वेबसाइट
पर इस स्टोरी को देखिए.
‘फेकिंग न्यूज़’ यानी कि नाम से ही काफी कुछ साफ है. फेकिंग न्यूज़ एक ऐसी वेबसाइट है जो स्टोरीज़ को ह्यूमरस अंदाज में लिखने के लिए जानी जाती है. इन स्टोरीज़ का सच्चाई से कोई नाता नहीं होता. ये वेबसाइट किसी भी कॉन्टेंट को मज़ाकिया टोन में लिखने के लिए जानी जाती है. वेबसाइट के अबाउट सेक्शन
में साफ-साफ लिखा है 'सच्चाई से इनका कोई लेना-देना नहीं है'.

मामला आप समझ गए होंगे कि इस खबर का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है. माने अखिलेश यादव ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है. उनकी तस्वीर लगाकर फर्जी बातें फेसबुक पर शेयर की जा रही हैं.
तो चुनावी मौसम चल रहा है, ऐसे में आपके पास भी ऐसी कोई चिट्ठी पहुंच जाए, या फिर तस्वीर पहुंच जाए, या फिर वीडियो ही क्यों न पहुंच जाए, जिस पर आपको शक हो. तो उसकी पड़ताल के लिए भेजिए Padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी पड़ताल करेंगे.












