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पहलवान राजघाट पर करने वाले थे प्रेस कॉन्फ्रेंस, दिल्ली पुलिस ने क्या कर पूरा प्लान फेल कर दिया?

पहलवानों ने कहा था कि 10 अगस्त को राजघाट में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. अब इसे स्थगित कर दिया गया है.

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बजरंग और विनेश की राजघाट में प्रेस कॉन्फ्रेंस के ट्वीट के बाद दिल्ली पुलिस ने धारा 144 लागू होने की बात कही. (फोटो क्रेडिट - पीटीआई)

बजरंज पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोका गया. विनेश फोगाट ने 10 अगस्त की सुबह ट्वीट किया, 

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"पुलिस ने राजघाट पर धारा 144 लगा दी है और हमें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोक दिया है. अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस का टाइम और जगह जल्दी फाइनल करेंगे."

इससे पहले, 9 अगस्त की देर रात बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने के ट्वीट कर बताया था कि वे अगले दिन दोपहर 12:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. और ये दिल्ली के राजघाट में होगी. इसके कुछ देर बाद ही सेंट्रल दिल्ली के DCP ने ट्वीट कर कहा कि स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए राजघाट और आसपास के इलाकों में CrPC की धारा 144 लगाई गई है. इन इलाकों में किसी भी तरह की सभा नहीं हो सकती.

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DCP ने देर रात 12 बजकर 8 मिनट पर ट्वीट कर ये जानकारी दी. उन्होंने लिखा,

"स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए, राजघाट, ITO, लाल किले और आसपास के इलाकों में CrPC की धारा 144 लागू की गई है. इन इलाकों में किसी भी तरह की सभा की मंजूरी नहीं है."

बजरंज पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट अन्य पहलवानों के साथ मिलकर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और BJP के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इससे पहले विनेश फोगाट ने अपने ट्वीट में लिखा था,

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"आप सभी को नमस्कार, कल दोपहर 12:30 बजे हम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं दिल्ली के राजघाट पर. जय हिन्द."

साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने भी यही जानकारी अपने ट्विटर के जरिए दी थी. 

ट्रायल से छूट मिलने पर विवाद

पहलवानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐलान एक विवाद के बीच हुआ था. विनेश और बजरंग को एशियाई खेलों में सीधे प्रवेश मिला है. यानी उन्हें ट्रायल नहीं देनें होंगे. वे सीधे एशियाई खेलों में खेल पाएंगे. इस पर जूनियर पहलवानों ने आपत्ति जताई थी. मामला कोर्ट तक पहुंच गया था.

दरअसल, एशियाई खेलों के लिए पहलवानों के ट्रायल चल रहे हैं. लेकिन विनेश फोगाट को 53 और बजरंग पूनिया को 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी के ट्रायल से छूट दी गई. WFI की चयन नीतियों के अनुसार, 'प्रतिष्ठित खिलाड़ियों' को ट्रॉयल से छूट दी जा सकती है.

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर हुई थी याचिका

विनेश और बजरंग को मिली छूट के बाद इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई. जूनियर पहलवानों को ये पसंद नहीं आया. और उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाए. जूनियर विश्व चैंपियन अंतिम पंघाल और सुजीत कलकल ने इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की. हालांकि, इसे खारिज कर दिया गया.

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद विनेश और बजरंग ने एक फेसबुक लाइव किया था. उन्होंने इस मुद्दे पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी. विनेश ने कहा,

"हम ट्रायल्स के खिलाफ नहीं हैं. मैं अंतिम को दोष नहीं दे रही हूं. वो ये समझने के लिए बहुत छोटी हैं. वो अपनी जगह सही हैं. वो अपने अधिकार के लिए लड़ रही हैं. हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं."

बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक और 2022 में हुई विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था. वहीं विनेश फोगाट ने 2022 की विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था. 

वीडियो: रेसलर प्रोटेस्ट सड़कों से खत्म करके साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने क्या लिखा?

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