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जमीन को लेकर विवाद हुआ, महिला को गिराकर मारे थप्पड़-घूंसे, अफसर खड़े-खड़े देखते रहे

मध्यप्रदेश के रीवा में जमीन विवाद के चलते अधिकारियों के सामने ही एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की महिला की पिटाई की. वीडियो वायरल हुआ. मामले पर पुलिस ने कार्रवाई की है.

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रीवा में जमीन विवाद के चलते अधिकारियों के सामने महिला से मारपीट (तस्वीरें - इंडिया डुडे)

मध्यप्रदेश के रीवा में दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ. विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की महिला पर हमला कर दिया. बताया जाता है कि इस घटना के दौरान बड़े अधिकारी वहां मौजूद थे. उनके सामने ही महिला के साथ अभद्रता हुई, लेकिन वे मूक दर्शक बने रहे. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

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आजतक से जुड़े विजय कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक घटना रीवा के आकौरी गांव की है. 20 मई को प्रशासन की टीम यहां पट्टे की भूमि का सीमांकन कराने पहुंची थी. इसी बीच गौतम परिवार जो कि जमीन के मालिक बताए जा रहे हैं और दूसरे पक्ष की महिला के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरु हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि गौतम परिवार के लोगों ने महिला के साथ मारपीट और अभद्रता शुरु कर दी. जबकि तहसीलदार, पटवारी और RI (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) भी वहां मौजूद थे. घटना के समय ही वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया और इसे वायरल कर दिया.

इस घटना की पीड़िता शैलकुमारी पांडे ने रीवा पुलिस थाने में शिकायत की है. रीवा के एसपी विवेक सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में है. इस मामले में अब तक 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है. ये इलाका रीवा के जवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इस घटना पर पुलिस ने IPC की धारा 152/24 धारा 323, 294,506,34 IPC के तहत मुकदमा दर्ज किया है. 

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आरोपी पक्ष के दावे- 

इस घटना पर आरोपी पक्ष ने भी अपने तर्क रखे हैं. उनके अनुसार घटना के वक्त पटवारी और IR, सीमांकन का कार्य कर रहे थे. लेकिन दूसरे पक्ष की महिला ने गाली-गलौज शुरु कर दी. हमने पुलिस से इस बात की शिकायत की, लेकिन उन्होंने न तो रिपोर्ट लिखी न ही कोई कार्यवाही की. महिला काम में बाधा पहुंचाने लगी और वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया. इस दौरान अधिकारी भी वहां मौजूद थे.

आरोपी पक्ष कहना है कि पुलिस ने उन लोगों को भी आरोपी बनाया है, जो मौके पर नही थे. जिनमें डॉक्टर राजेंद्र गौतम हैं. वो घटना के वक्त जबलपुर हाई कोर्ट में थे. ऐसे ही विनय गौतम के बारे में बताया जा रहा है कि वो थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए मौजूद थे.

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