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RJD नेता शहाबुद्दीन ने कराई पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या?

सीवान के दिवंगत पत्रकार की पत्नी आशा रंजन का आरोप. कहा, ऊंची साख वाले हैं ज़िम्मेदार. CBI जांच की मांग.

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फोटो - thelallantop
सीवान में हिंदुस्तान न्यूज़पेपर  के ब्यूरो चीफ, राजदेव रंजन का 13 मई को मर्डर कर दिया गया था. इस केस में पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है. उनमें से एक उपेन्द्र सिंह, आरजेडी का एक्टिव कार्यकर्ता है. पुलिस का कहना है कि उपेन्द्र, शहाबुद्दीन का बहुत ख़ास रहा है. खुद शहाबुद्दीन तो जेल में बंद है लेकिन उपेन्द्र अभी भी उसके इशारों पर काम करता है.
जिस समय राजदेव को गोली मारी गयी थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में सब रिकॉर्ड हुआ था. लेकिन अब उस कैमरे से 11 मई के बाद के सारे फुटेज गायब हैं. इस मामले में राधेश्याम नाम के एक इंजिनियर को भी अरेस्ट किया गया है. पुलिस का मानना है कि उसी ने कैमरा फुटेज के साथ छेड़छाड़ की है.

आखिर उस दिन हुआ क्या था:

पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच पड़ताल की है. उसके आधार पर फ़िलहाल जो कहानी सामने आ रही है वो ये है:
-फ्राइडे शाम को राजदेव के पास एक फ़ोन आया था. जिससे वो कुछ परेशान हो गए थे.
-ऑफिस से घर जाने के लिए भी उन्होंने रोज़ वाला रास्ता ना ले कर एक अलग रास्ता चुना था.
-फ्लाईओवर के पास कुछ लोगो ने उनकी बाइक रोकी. फिर उनमे से एक ने उन पर गोलियां चला कर उनकी हत्या कर दी.
 
पिक्चर क्रेडिट: फेसबुक
   पिक्चर क्रेडिट: फेसबुक

उनकी पत्नी, आशा रंजन ने अपने पति के मर्डर के लिए शहाबुद्दीन को दोषी ठहराया है. उनका कहना है कि उनके पति का मर्डर शहबुदीन के कहने पर ही हुआ है.

 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में आशा ने बताया कि कुछ दिनों ने उनके पति राजदेव के पास उपेन्द्र के धमकी वाले फोन कॉल आते थे.  उपेन्द्र उन्हें शहाबुद्दीन के खिलाफ हर वक़्त कुछ न कुछ लिखते रहने की वजह से धमकी देता था. लेकिन राजदेव कभी इन धमकियों को सीरियसली नहीं लेते थे. वो सोचते थे कि ये तो उनके प्रोफेशन का हिस्सा ही है. 

रीसेंट थ्योरी:

सारण रेंज के डीजीपी अजीत राय के हिसाब से ये मर्डर और 2014 में हुआ श्रीकांत भारती का मर्डर काफी कुछ एक जैसे हैं.
दोनों मर्डर एक ही तरीके से एक ही जगह किये गए थे. श्रीकांत भारती सीवान के बीजेपी सांसद ओम प्रकाश यादव के प्रवक्ता थे. उनके परिवार ने उसी वक़्त खुला आरोप लगाया था कि उनका मर्डर शहाबुद्दीन के इशारे पर हुआ था. उस समय भी उपेन्द्र सिंह का नाम सामने आया था. लेकिन उस वक़्त उसके खिलाफ कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी.
शनिवार को आरजेडी के सांसद तस्लीमुद्दीन ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. उसमे उन्होंने नीतीश कुमार पर इस मर्डर का भी आरोप लगाया. कहा कि इस 'महाजंगलराज' के लिए सिर्फ और सिर्फ नीतीश ज़िम्मेदार है. लालू का इससे कुछ भी लेना देना नहीं है. उन्होंने ये भी कहा शराब बंद करवा कर नीतीश खुद को बहुत हीरो समझ रहे हैं. अब वो पीएम बनना चाह रहे हैं. इस वजह से प्रदेश की हालत पर उनका कोई ध्यान नहीं है.

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