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पाकिस्तान के 'चंगा मंगा' जंगल में हो रहा 'अमंगल'

डाकुओं के नाम पर इंसान ने बसाया था ये जंगल. पर यहां अब वो पहले वाली बात नहीं रही. क्योंकि...

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फोटो - thelallantop
इंसान ने दुनिया का जंगल बना रखा है. गरजिए मत जनाब. ये साहित्यिक लाइन नहीं, सच है. क्योंकि हम बात कर रहे हैं उस जंगल की, जिसे इंसानों ने लगाया. पाला पोसा. ताकि जंगलराज हो सके. खतरनाक वाला जंगलराज नहीं, बेहद पाक वाला. कुदरत से मुहब्बत. हरियाली, जानवरों की सिक्योरिटी. इरादा चंगा हो तो सफलता झक्क मारकर पीछे आती है. पाकिस्तान में इंसानों की वजह से जंगल बसा, उस जगह का नाम है चंगा मंगा. दुनिया में इंसानों के बसाए जंगलों में चंगा मंगा पहले पायदान पर था. अब भी ये टॉप जंगलों में शुमार है. जानिए चंगा मंगा की खासियत... 1.  पाकिस्तानी पंजाब के लाहौर और कसूर जिले में है चंगा मंगा. लाहौर से करीब 80 किलोमीटर दूर. 2.  18वीं सदी में दो डाकू थे, चंगा और मंगा. उन्ही के नाम पर इस जंगल का नाम रखा गया. दोनों भाई थे. किडनैपिंग के धंधे में थे. 3. जंगल को बसाने का काम शुरू हुआ था 1865 में. एक ब्रिटिश सरकार वाले चचा थे बी रिबेनट्रॉप. 1871-72 में प्लान्टेशन का काम इन्ही ने संभाला था. 4. 1881 के करीब चंगा मंगा में शीशम के पेड़ लगाए गए. उस दौर में जंगल की लकड़ी को आस पास के इलाकों में ईंधन की तरह इस्तेमाल करने के लिए भेजा जाने लगा. changa-manga 5. जंगल में करीब 14 तरह की मेमल्स, 50 तरह के पक्षी, कीड़ों की 27 प्रजातियां भी पाई जाती हैं. जंगल में पेड़ों से काटे जाने वाली लकड़ी को भी लोकल टिंबर मार्केट में इस्तेमाल किया जाता है. 6. चंगा मंगा के जंगल की लकड़ी से नॉर्थन वेस्टर्न रेलवे नेटवर्क के ईंधन के लिए इस्तेमाल किया गया. कटाई इस कदर की गई कि अब करीब 75 फीसदी जंगल साफ हो चुका है. 7. करीब 10 साल पहले इस जंगल में 50 हजार शीशम के पेड़ थे. लेकिन तस्करी का आलम कुछ यूं समझिए कि अब महज 4500 शीशम के पेड़ बचे हैं. 8. जंगल करीब 12 हजार एकड़ में फैला है. एक वक्त में ये दुनिया का सबसे बड़ा इंसान का बसाया जंगल था. 2008 में यहां 40 एकड़ का वाइल्डलाइफ रिजर्व बनाया गया.

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