The Lallantop

UNGA के नए अध्यक्ष बने खलीलुर रहमान, बांग्लादेश के दिग्गज को भारत-पाकिस्तान दोनों ने दी बधाई

Bangladesh के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (Khalilur Rahman) को UN General Assembly के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया है. भारत और पाकिस्तान ने उन्हें इस चयन के लिए बधाई दी है. वह इस पद को संभालने वाले दूसरे बांग्लादेशी हैं.

Advertisement
post-main-image
बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे )

बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया है. उन्होंने एक करीबी मुकाबले में साइप्रस के उम्मीदवार एंड्रियस काकौरिस को हराया. मतदान में 190 सदस्य देशों ने हिस्सा लिया. तीन देशों ने मतदान नहीं किया. रहमान को 99 वोट मिले, जबकि काकौरिस को सिर्फ 91 वोट मिले. चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कम से कम 96 वोटों की जरूरत थी. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

खलीलुर रहमान जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक की जगह लेंगे. सितंबर 2026 में उनका एक साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है. यूएन न्यूज के मुताबिक, रहमान 8 सितंबर से अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे. वे हुमायूं राशिद चौधरी (1986) के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष बनने वाले दूसरे बांग्लादेशी हैं.

undefined

Advertisement

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अध्यक्ष का चुनाव हर साल होता है. हर साल दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों को यह पद बारी-बारी से मिलता है. महासभा के 81वें सत्र के लिए अध्यक्ष चुनने की जिम्मेदारी एशिया-प्रशांत क्षेत्र को मिली थी. इस पद के लिए दो देशों, बांग्लादेश और साइप्रस के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला था. 2 जून 2026 को हुए गुप्त मतदान में बांग्लादेश ने यह चुनाव जीत लिया.

जीत के बाद क्या बोले डॉ. रहमान?

पद स्वीकार करते हुए खलीलुर रहमान ने कहा कि वह ऐसे समय में विनम्रता और सम्मान के साथ यह भूमिका निभा रहे हैं, जब अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली में भरोसा कम हो रहा है. उन्होंने सदस्य देशों से कहा, 

Advertisement

"संयुक्त राष्ट्र अपने नौवें दशक की शुरुआत ऐसे समय में कर रहा है, जब हमारे संगठन पर विश्वास की परीक्षा कई मोर्चों पर हो रही है. कुल मिलाकर ये चुनौतियां हमारे संगठन की अपने वादे पूरे करने की क्षमता पर जनता के भरोसे और विश्वास को कमजोर करने का काम करती हैं."

रहमान ने कहा कि उनकी अध्यक्षता छह मुख्य प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगी- शांति और सुरक्षा, सतत विकास लक्ष्य (SDGs) की प्रगति में तेजी लाना, जलवायु कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण, मानवाधिकार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत नई टेक्नोलॉजी का गवर्नेंस और UN रिफॉर्म.

भारत-पाकिस्तान ने दी बधाई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खलीलुर रहमान के संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी है. उन्होंने 'X' पर लिखा, 

"संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ खलीलुर रहमान को बधाई. हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने का हमें बेसब्री से इंतजार है."

undefined

वहीं, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी खलीलुर रहमान को बधाई दी है. उन्होंने ‘X’ पर लिखा,

“मेरे प्रिय भाई, बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर हार्दिक बधाई. उनके साथ निकटता से काम करने के अनुभव के आधार पर, मुझे पूरा विश्वास है कि उनका लंबा कूटनीतिक अनुभव और बहुपक्षवाद के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता महासभा का विशिष्टता के साथ मार्गदर्शन करेगी.”

undefined

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पूरी कहानी

कौन हैं डॉ. खलीलुर रहमान?

बांग्लादेश वाणिज्य दूतावास (सिडनी) के मुताबिक, डॉ. खलीलुर रहमान ने 17 फरवरी 2026 को बांग्लादेश के विदेश मंत्री के तौर पर शपथ ली थी. इससे पहले उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) और रोहिंग्या शरणार्थी मुद्दे पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि के रूप में काम किया था. उन्होंने लगभग 25 सालों तक संयुक्त राष्ट्र (UN) के कई सीनियर पदों पर न्यूयॉर्क और जिनेवा में काम किया है.

डॉ. रहमान ने 1977 में ढाका यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में एमए किया है. इसके बाद 1979 में बांग्लादेश सिविल सेवा (BCS) परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर राजनयिक सेवा में शामिल हुए. उन्होंने अमेरिका की मशहूर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की और टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल से कानून और कूटनीति में मास्टर डिग्री ली है.

वीडियो: 'निष्पक्ष चुनाव...' यूएन ने दी नसीहत, एस जयशंकर बोले, हमें मत सिखाओ

Advertisement