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प्रेमिका के बच्चे को हफ्तों तक पीटा, सिगरेट से दागा, मौत के बाद छोटे से शरीर पर 51 घाव मिले

केरल के तिरुवनंतपुरम में डेढ़ साल के बच्चे की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. बच्चे के शरीर पर 51 चोटों के निशान मिले, जिसके बाद पुलिस ने मां और उसके लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया.

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अर्शीद और अश्कर

केरल के तिरुवनंतपुरम में एक नन्हे बच्चे की मौत की कहानी शोक और तकलीफ से भर देने वाली है. बच्चे को उसका सौतेला पिता मरने की हालत में अस्पताल लेकर आया थे. डॉक्टर को बताया कि बच्चे के गले में खाना फंस गया था. इससे उसकी मौत हो गई. लेकिन जब उसका पोस्टमॉर्टम हुआ और उसकी रिपोर्ट आई, तब ऐसे जघन्य अपराध का खुलासा हुआ कि सुनने वाले दंग रह गए.

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तकरीबन डेढ़ साल के बच्चे के शरीर पर 51 घाव मिले. उसके पैर को सिगरेट से जलाया गया था. प्राइवेट पार्ट पर भी हमले किए गए थे और ये सब किया था, उसके उसी सौतेले पिता ने जो उसे अस्पताल लेकर आया था. 

सौतेले पिता ने बच्चे की बेरहमी से हत्या की

ये घटना तिरुवनंतपुरम से 20 किलोमीटर दूर नेदुमंगड के पानावूर इलाके की है. बीती 29 मई की शाम को अशकर नाम का व्यक्ति अपने साथ डेढ़ साल के बच्चे अर्शीद को लेकर प्राइवेट अस्पताल में पहुंचा था. उसने बताया कि ये उनकी लिव-इन पार्टनर का बेटा है. खाते समय उसके गले में खाना फंस गया, जिसके बाद वो बेहोश हो गया. अस्पताल वालों ने बच्चे की हालत खराब देखकर उसे श्री अविट्टम ​​थिरुनाल (SAT) अस्पताल भेज दिया. यहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. 

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बच्चे की मौत के बाद उसका जब पोस्टमॉर्टम कराया गया तो पता चला कि उसकी मौत की वजह लगातार पिटाई की वजह से हुई है. उसके शरीर पर कई बड़े घाव थे. पोस्टमॉर्टम करने वालों ने बताया कि बच्चे के शरीर पर 51 घाव मिले. उसके प्राइवेट पार्ट्स पर भी गहरी चोट लगी थी. पैरों पर सिगरेट से जलाए जाने के निशान बने थे. ये सब पता चलने के बाद नेदुमंगड पुलिस ने अगले ही दिन यानी 30 मई को बच्चे की 21 साल की मां अखिला और उसके लिव-इन पार्टनर अशकर को गिरफ्तार कर लिया.

इसके बाद पूछताछ में बच्चे की मौत की असली कहानी पता चली.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अशकर ने पुलिस को बताया कि वो अर्शीद को अपने लिव-इन रिलेशनशिप में अड़चन मानता था. उसने तीन महीने बच्चे को मारने का फैसला किया था. एक महीने से वह बच्चे को मारता-पीटता था. बच्चे की मौत से कुछ हफ्ते पहले तक वो उसे लगातार पीटता था. उसकी चीख दबाने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस देता था. अशकर ने बच्चे को लाठी से मारने और सिगरेट से जलाने की बात भी कबूली. 

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29 मई की बात है. बताया गया कि उस दिन बच्चे की मां अखिला घर पर नहीं थी. वह डांस के प्रोग्राम के सिलसिले में तमिलनाडु गई थी. बच्चे के साथ उसका लिव-इन पार्टनर अशकर था. किसी बात पर उस दिन अर्शीद जोर-जोर से रोने लगा. उसे चुप कराने के लिए अशकर ने उसके सिर पर वार किया. इसके बाद बच्चे की मौत हो गई. ये क्लियर कर लेने के बाद अशकर ने पहले सारे सबूत मिटाए. पीटने के लिए इस्तेमाल किया गया डंडा और जलाने वाले लाइटर को उसने ठिकाने लगा दिया. घर की सफाई की. फिर बच्चे को अस्पताल लेकर गया. वहां उसने गले में खाना फंसने की झूठी कहानी बताई, जिस पर लोगों को भरोसा भी नहीं हुआ.

इस घटना से कुछ हफ्ते पहले ही एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के बनाए 'चैलेंज वीडियो' में यह छोटा बच्चा अपनी मां अखिला के साथ नजर आया था. इस वीडियो में बच्चे के दोनों हाथों पर प्लास्टर चढ़ा था. जब इन्फ्लुएंसर ने अखिला से पूछा कि बच्चे के हाथों को क्या हुआ है, तब उसने जवाब दिया कि वो साइकिल से गिर गया था. अब लोगों को शक है कि साइकिल से गिरने पर नहीं, अर्शीद को वो चोटें भी अशरक ने दी होंगी.

मां ने भी नहीं बचाया

बच्चे की मां अखिला पर भी आरोप लगे हैं कि वह अशकर से अपने बच्चे को नहीं बचा पाई. पुलिस को दिए बयान में अखिला ने माना कि उसे पता था कि अशकर उसके बच्चे को यातना देता था. कई बार उसने अपने प्रेमी को बच्चे को पीटते हुए भी देखा था, लेकिन उसने उसे बचाने की कभी कोई कोशिश नहीं की.

हिंसा का इतिहास

मामले की जांच करते हुए पुलिस को पता चला कि अशरक अपनी पहली पत्नी अमीना के साथ भी गंभीर हिंसा करता था. अमीना की मां ने बताया कि अशरक ने एक बार उसे बाथरूम में पीटा था. उसका सिर बार-बार दीवार पर पटका था और उसे पंखे से लटकाने की भी कोशिश की थी. इस घटना के बाद अमीना ‘13 महीनों’ तक बेहोश रही. दो महीने उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था. 

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