वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने मंकी पॉक्स (Mpox) संकट को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है. ये घोषणा संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसुस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने की. दो साल में यह दूसरी बार है जब इस बीमारी को हेल्थ इमरजेंसी बताया गया है. यह बीमारी कई अफ्रीकी देशों में तेजी से पांव पसार रही है. इनमें कांगो सबसे ज्यादा प्रभावित है.
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक अफ्रीकी महाद्वीप में इस बीमारी के 15,600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. जबकि इस बीमारी की वजह से अब तक 537 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल मामलों में इसी अवधि में मामलों में 160% की बढ़ोतरी हुई है. WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम गेब्रेयसस ने कहा कि MPox के एक नए क्लेड का उभरना, पूर्वी कांगो में इसका तेजी से फैलना और कई पड़ोसी देशों में इसके मामलों की रिपोर्ट होना बहुत चिंताजनक है. यह साफ है कि इस बीमारी को फैलने से रोकने और जान बचाने के लिए पूरी दुनिया को मिलकर कोशिश करनी होगी.
WHO ने इस गंभीर बीमारी को घोषित किया 'हेल्थ इमरजेंसी', कई जगहों पर तेजी से फैल रही है
WHO ने मंकी पॉक्स (Mpox) संकट को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया. इस साल अब तक अफ्रीकी महाद्वीप में इस बीमारी के 15,600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं


दरअसल, कांगो में इस संक्रमण को शुरुआत में क्लेड-I के नाम से जाना जाता था. लेकिन अब एक नए स्ट्रेन क्लेड-Ib के सामने आने की बात हो रही है. इसमें सेक्शुअल कॉन्टैक्ट को मुख्य कारण माना जा रहा है. पिछले महीने कांगो के चार पड़ोसी देश बुरुंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा में भी क्लेड-Ib 100 से अधिक मामले सामने आए.
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ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी कब घोषित किया जाता है?औपचारिक तौर पर जो टर्म (शब्दावली) WHO इस्तेमाल करता है, वो है ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ़ इंटरनेशनल कंसर्न’. शॉर्ट में कहें तो PHEIC. पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ़ इंटरनेशनल कंसर्न को IHR (International Health Regulations, 2005) डिफाइन करता है. सीधा कहें तो PHEIC का मतलब होता है एक असाधारण घटना, जिसमें कोई बीमारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल जाती है और जिसके लिए सभी देशों का संगठित हो साथ काम करना ज़रूरी होता है. इस डेफिनिशन से तात्पर्य है कि ऐसी कोई स्थिति जो,
- गंभीर है, अचानक से आई है या असामान्य है.
- प्रभावित राज्य की सीमा से परे भी ये स्थिति और लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालती है.
- तत्काल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की जरूरत हो सकती है.
इसको एक अलार्म सिस्टम, कॉल टू एक्शन या आखिरी उपाय के रूप में देखा जा सकता है.
क्या हैं Mpox के लक्षण?मंकीपॉक्स के लक्षण 2-4 हफ्ते तक रहते हैं. इनमें सिरदर्द, बुखार, थकान, सूजी हुईं लिम्फ नोड्स, मांसपेशियों में दर्द, मवाद भरे दाने, संक्रमण के पांच दिनों के अंदर चेचक जैसे निशान आना, शरीर में कंपन होना और पीठ या कमर में दर्द शामिल हैं. साल 2022 में भारत में भी इस बीमारी के कुछ मामले सामने आए थे.
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