20 साल आगे आ जाइए. अभी यूपीएससी के रिजल्ट आए न, देशभर में उनको 773वीं रैंक मिली है. पहली बार में ही प्रांजलि ने एक्जाम निकाल लिया.डीएनए की खबर के मुताबिक़ उनकी पूरी स्कूलिंग ब्रेल लिपि में हुई. फिर प्रांजलि ने पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की. मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से. उसके बाद जेएनयू से एमए किया. इस सब में उन्होंने टेक्नोलॉजी का भी खूब यूज किया. अपने कंप्यूटर में वो सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया, जिसमें वो किताब के चैप्टर पढ़कर सुनाता है. प्रांजलि कहती हैं, जब वो छह साल की थीं तभी उनने आईएएस अफसर बनने की ठान ली थी. कभी-कभी ऐसा भी हुआ कि वो अपने लक्ष्य को लेकर डाउट में आईं, लेकिन इस सबसे उन्हें मोटीवेशन ही मिला. अब यूपीएससी का एक्जाम निकाल लिया है. इंतजार कर रही हैं यूपीएससी वाले कहां भेजेंगे. हमको भी बहुत खुशी हुई प्रांजलि की सफलता पर. ऐसे सुबह-सुबह अच्छी खबर मिल जाती है तो दिन बन जाता है.
देख नहीं पातीं, लेकिन पहली बार में फोड़ा आईएएस का एक्जाम
उल्हासनगर की 26 साल की प्रांजलि पाटिल, छह साल की उम्र में नजर चल गई, लेकिन सक्सेस नहीं.
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Photo- facebook
आपके पास जिंदगी में सक्सेसफुल न हो पाने का कोई बहाना है? कोई कमी है? बैंक पीओ के रिजल्ट के बाद किसी से बात नहीं करते? पहले सेमेस्टर की बैक अभी भी ढो रहे हैं. तो आगे पढ़िए. उल्हासनगर की प्रांजलि पाटिल. जब छह साल की थीं तब उनने अपनी नजर पूरी तरह खो दी. जन्म से ही उनकी आईसाइट कमजोर थी, लेकिन छह साल की उम्र में उन्हें कुछ भी दिखना बंद हो गया.
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