मध्य पूर्व में 10 जून को अमेरिकी हमले में तीन भारतीय मारे गए थे. एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि हमले से पहले टैंकर को 60 बार वार्निंग दी गई थी. लेकिन पलाउ झंडे वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो ने इन वार्निंग को इग्नोर कर दिया, जिसके बाद गोलीबारी हुई.
भारतीयों की मौत पर US का बचाव, रिपोर्ट में दावा- '60 बार वॉर्निंग के बाद की गई फायरिंग'
US attack killed Indians: अमेरिकी हमले में 3 भारतीयों की मौत पर केंद्र सरकार ने कड़ा विरोध जताया है. एक अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले से पहले 60 बार वॉर्निंग दी गई थी. उसके बाद गोलीबारी की गई.


स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में अमरीकी एयरक्राफ्ट ने सेट्टेबेलो को निशाना बनाया था. रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि सेट्टेबेलो के क्रू ने अमेरिकी सैन्य विमानों के शक्ति प्रदर्शन के कम से कम आठ प्रयासों को नजरअंदाज किया था. हमले से पहले दी गई चेतावनी में फ्लेयर्स और फ्लाईओवर भी शामिल थे. दावा है कि हमले से ठीक पहले दो फाइनल वार्निंग भी दी गई थी.
नेवल ब्लॉकेड तोड़ने पर हुआ हमला?रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी ने इस जहाज को ‘शैडो फ्लीट जहाज’ बताया जो गैरकानूनी तरीके से ईरानी तेल ले जा रहा था. ये भी आरोप लगाया कि टैंकर ने कई दफा ईरानी बंदरगाहों पर लगे अमेरिकी ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश की. अधिकारी ने दावा किया कि दो हफ़्ते में अमेरिका ने टैंकर से कई बार संपर्क किया था. जब टैंकर ने बात नहीं मानी तब उसपर हमला किया गया.
इसके अलावा अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी एक स्टेटमेंट जारी की है. स्टेटमेंट के मुताबिक, सेट्टेबेलो के क्रू मेंबर्स को इंजन रूम खाली करने के लिए 15 मिनट दिया गया था. इसके बाद टैंकर पर हमला कर उसे निष्क्रिय कर दिया गया.
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भारत ने जताया कड़ा विरोधभारत ने इस हमले पर कड़ी आपत्ति जताई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से बात की है. जयशंकर ने अमेरिकी नौसेना के हमले पर भारत की ओर से कड़ा विरोध जताया और रूबियो से कहा कि कमर्शियल शिप पर ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी सूरत में ठीक नहीं है. जयशंकर ने इस बातचीत की जानकारी एक्स पर पोस्ट करके दी.
बता दें, एमटी सेट्टेबेलो टैंकर पर 24 क्रू मेंबर्स थे, जिनमें से 21 लोगों को बचा लिया गया था. तब दो क्रू मेंबर और एक चीफ इंजीनियर लापता थे. बाद में ख़बर आई कि तीनों भारतीयों की मौत हो गई है. इसके बाद प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान पर दोष मढ़ दिया. ईरान ने इस बात का विरोध किया, जिसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की ज़िम्मेदारी ली.
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