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होर्मुज हमले पर भारत ने जताई आपत्ति, मार्को रूबियो बोले, 'अमेरिकी आदेश मानना ही होगा'

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को अमेरिकी सैन्य निर्देशों का पालन करना होगा.

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मार्को रूबियो की जयशंकर से बात हुई. (फोटो- India Today)

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  • अमेरिकी सेना ने 10 जून को होर्मुज जलसंधि में पलाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई।
  • ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलसंधि पर लगी दोहरी नाकेबंदी के कारण क्षेत्र में सैन्य तनाव और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा संदिग्ध बनी हुई है।
  • भारत ने हमले पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन बताया और आगे भी समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए दोनों पक्षों के बीच संवाद और कार्रवाई की मांग की है।

होर्मुज में अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का जवाब आया है. उनसे भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फोन पर बात की थी. जयशंकर ने भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका से नाराजगी जताई थी और कहा कि कमर्शियल जहाजों पर ऐसी घातक कार्रवाई ठीक नहीं है. जवाब में रूबियो ने कहा कि होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना होगा. नाकाबंदी का उल्लंघन बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के बीत होर्मुज पर दोहरी नाकेबंदी है. दुनिया के सबसे बड़े तेल रास्तों में से एक होर्मुज को ईरान ने तो ब्लॉक किया ही है. अमेरिका ने भी अपनी नाकाबंदी लगाई हुई है. 10 जून को इसी रास्ते से गुजर रहे पलाऊ के झंडे वाले एक टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर अमेरिका ने हमला कर दिया. इसमें सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई. इनमें डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे.

भारत ने इस हमले पर कड़ी आपत्ति जताई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से बात की है. जयशंकर ने अमेरिकी नौसेना के हमले पर भारत की ओर से कड़ा विरोध जताया और रूबियो से कहा कि कमर्शियल शिप पर ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी सूरत में ठीक नहीं है. जयशंकर ने इस बातचीत की इतनी जानकारी एक्स पर पोस्ट करके दी. 

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रूबियो के जवाब के बारे में अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एक बयान जारी कर जानकारी दी. इस बयान में कहा गया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से बात की. दोनों ने होर्मुज स्ट्रेट में हालिया हमले पर चर्चा की. इस दौरान मार्को रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज से गुजरने वाले सभी कमर्शियल शिप्स को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए. अमेरिका की सेना होर्मुज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं. 

रूबियो ने ये भी कहा कि होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का ट्रांसपोर्टेशन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बता दें कि 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद नई दिल्ली ने वाशिंगटन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. भारत में अमेरिकी अधिकारी को तलब करके विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारतीय क्रू मेंबर्स को ले जाने वाले जहाजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए.

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