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ट्रंप सरकार ने 2025 में एक लाख से ज्यादा वीजा रद्द कर दिए, पढ़ाई, नौकरी और सपनों पर एक झटके में ब्रेक

US का आरोप है कि ज्यादातर लोगों के वीजा आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की वजह से रद्द किए गए हैं. जबकि आलोचकों का कहना है कि इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके पास वैध वीजा था.

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यह सख्ती अमेरिका राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश के बाद बढ़ी है. (फाइल फोटो: आजतक)

ट्रंप प्रशासन का इमिग्रेशन पर एक्शन जारी है. अमेरिका ने 2025 में एक लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए हैं. इनमें 8 हजार छात्र और ढाई हजार स्पेशल कैटेगरी के कर्मचारी भी शामिल हैं. यह आंकड़ा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के आखिरी साल से भी ज्यादा है. 2024 में करीब 40,000 वीजा रद्द किए गए थे.

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अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर लोगों के वीजा आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की वजह से रद्द किए गए हैं. हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि इन मामलों में सभी लोगों पर आरोप तय हुए थे या नहीं.

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यह सख्ती राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस आदेश के बाद बढ़ी है, जो उन्होंने वॉइट हाउस लौटने के पहले दिन जारी किया था. 

किन कारणों से वीजा हुए रद्द

विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने बताया कि वीजा रद्द होने के चार मुख्य कारण रहे हैं. तय समय से ज्यादा अमेरिका में रुकना, नशे में गाड़ी चलाना, मारपीट और चोरी. उनके मुताबिक, 2024 की तुलना में वीजा रद्द होने की संख्या में 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

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फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 500 विदेशी छात्रों के वीजा ड्रग्स रखने और बेचने के आरोप में रद्द किए गए. सैकड़ों विदेशी कामगारों के वीजा बच्चों से दुर्व्यवहार के शक में रद्द हुए. ट्रंप प्रशासन ने वीजा देने के नियम भी सख्त कर दिए हैं. अब सोशल मीडिया की कड़ी जांच और स्क्रीनिंग की जा रही है. विदेश विभाग ने सोशल मीडिया पर कहा,

अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए हम ऐसे लोगों को देश से बाहर निकालते रहेंगे.

ये भी पढ़ें: 'वीजा रद्द कर वापस भारत भेज देंगे', अमेरिकी दूतावास ने भारतीय छात्रों को बुरी तरह हड़काया

वैध वीजा वालों पर भी कार्रवाई

आलोचकों का कहना है कि जिनका वीजा रद्द हुआ है, उनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके पास वैध वीजा था. इससे मानवाधिकार और उचित कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं.

आलोचकों का आरोप है कि सरकार ने राजनीतिक विचारों के आधार पर भी वीजा रद्द किए. मार्च में, फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में शामिल कुछ छात्रों के वीजा रद्द किए गए. टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की छात्रा रुमेसा ओज़टर्क का वीजा कथित तौर पर कैंपस अखबार में लेख लिखने के बाद रद्द किया गया.

इसके अलावा, अक्टूबर में उन छह विदेशी नागरिकों के वीजा भी रद्द किए गए, जिन्होंने कथित तौर पर एक अमेरिकी कार्यकर्ता की मौत का ऑनलाइन ‘जश्न’ मनाया था.

अगस्त 2025 में ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की कि वह 5.5 करोड़ वैध अमेरिकी वीजा धारकों की समीक्षा करेगा. इस फैसले के बाद अमेरिका में भी सरकार के रवैये को लेकर काफी विरोध देखा जा रहा है.

वीडियो: H-1B वीजा पर डॉनल्ड ट्रंप ने कर दिया बड़ा एलान, जवाब के लिए भारत की क्या तैयारी?

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