शाबास! जन्म से नहीं थे हाथ, पैरों से लिखे दसवीं के एग्जाम
और मैनपुरी का ये लड़का हाईस्कूल में अच्छे नंबरों से पास हो गया है. मन खुश कर दिया बालक ने.
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फोटो - thelallantop
'एग्जाम में तेज हाथ चलाना. वरना पेपर छूट गया, तो नंबर कट जाएंगे. कम नंबर आए तो बहुत दिक्कत होगी.' दसवीं के बोर्ड एग्जाम से पहले एक नसीहत जो सबसे ज्यादा मिलती थी. वो यही थी कि एग्जाम में हाथ तेज चलाना. लेकिन एक बहादुर लड़के ने एग्जाम में बिना हाथ चलाए ऐसे नंबर दसवीं क्लास में मेहनत से झटक लिए हैं कि हाथ वाले शरमा जाएं. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में अजय कुमार नाम का बालक रहता है. उम्र 16 साल है. जब जन्म लिया तो हाथ नहीं थे. पर हाथ न होने की वजह से पढ़ाई पर असर नहीं पड़ने दिया. खूब पढ़ाई की. दसवीं क्लास तक पहुंचा और मेहनत से बोर्ड एग्जाम दिए. जब रिजल्ट आया तो नंबर आए 71.8 फीसदी. यानी मेरे दसवीं के नंबरों से करीब... छोड़ो. बहुत ज्यादा नंबर हैं अजय के मुझसे. जब ये खबर पहली बार सुनी तो दिल खुश हो गया. अजय को 600 में से 431 नंबर मिले हैं. अजय की फ्यूचर में इंजीनियरिंग करने की तमन्ना है. बता दें कि अजय हमेशा गांव में ही रहे हैं. पढ़ाई लिखाई को लेकर शहर के बच्चों वाली सुविधाएं नहीं मिलती हैं.
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