The Lallantop

अतीक अहमद को गाड़ी से लाने-जाने में जितना खर्चा आया उतने में तो पूरा जहाज बुक हो जाता

1275 किमी का सफर, भारी पुलिसबल, कई गाड़ियां, अतीक को प्रयागराज लाने में खर्चा कितना हो गया?

Advertisement
post-main-image
अतीक अहमद (बाएं) को लाने ले जाने में लाखों का खर्चा. .दाईं तस्वीर सांकेतिक है. (आजतक)

उमेश पाल मर्डर केस में सुनवाई के लिए आरोपी अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है. वो अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद था. खबर है कि अतीक को पूरी सिक्योरिटी के साथ उत्तर प्रदेश लाने में सरकार ने भारी भरकम खर्चा किया है (UP Govt Expense on Atiq Ahmed). उसे लाने के लिए यूपी पुलिस के 37 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. काफिले में दो पुलिस वैन और दो एस्कॉर्ट गाड़ियां शामिल हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

आजतक से जुड़े संतोष शर्मा ने इसको लेकर रिपोर्ट की है. इसके मुताबिक अगर अतीक की सुरक्षा में लगाए गए पुलिस वालों की तनख्वाह, गाड़ी के डीजल और बाकी चीजों की लागत जोड़ी जाए तो पता चलता है कि कुख्यात माफिया को अहमदाबाद से प्रयागराज लाने में करीब 10 लाख रुपये का खर्चा आ रहा है.

3 लाख रुपये का सिर्फ डीजल

साबरमती जेल से प्रयागराज तक की दूरी लगभग 1275 किलोमीटर है. रिपोर्ट के मुताबिक यूपी पुलिस की चार गाड़ियां अतीक को लेने साबरमती गईं. वहां से उसे प्रयागराज लाया जा रहा है. यहां सुनवाई के बाद अतीक को फिर साबरमती ले जाया जाएगा.

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक एक पुलिस वैन का एवरेज माइलेज 5 किलोमीटर प्रति लीटर होता है. इस हिसाब से पुलिस वैन में एक तरफ की यात्रा के लिए 255 लीटर डीजल की जरूरत है जिसका खर्च करीब 25 हजार रुपये आता है. दो पुलिस वैन का खर्च 50 हजार रुपये हो गया. दोनों गाड़ियां चार चक्कर लगाएंगी. तो पुलिस वैन में 2 लाख रुपये का डीजल हो गया.

वहीं पुलिस एस्कॉर्ट गाड़ी का एवरेज 12 किलोमीटर प्रति लीटर होता है. एक तरफ की यात्रा के लिए एक पुलिस एस्कॉर्ट में 107 लीटर डीजल डलवाना होगा यानी करीब 10 हजार रुपये का खर्चा. दो एस्कॉर्ट गाड़ी के भी चार चक्कर मतलब लगभग 80 हजार रुपये का खर्चा.

मैनफोर्स पर लगे 6 लाख रुपये 

अतीक अहमद को लाने ले जाने में लगे 37 पुलिस कर्मियों में एक सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर, 6 ड्राइवर, 4 हेड कॉन्स्टेबल और 23 कॉन्स्टेबल लगे हैं. इन पुलिसकर्मियों का वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर करीब 6 लाख रुपये होते हैं.

Advertisement

प्रयागराज पुलिस की सुरक्षा के अलावा आने जाने के समय गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश में झांसी, जालौन, महोबा, बांदा, चित्रकूट की पुलिस टीमें भी तैनात की गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस सारे इंतजाम का कुल खर्च लगभग 10 लाख रुपये हो गए.

क्या बोला अतीक?

बुधवार, 12 अप्रैल को अहमदाबाद से प्रयागराज के बीच शिवपुरी में जब अतीक का काफिला रुका तो उसने मीडिया से कहा,

"आप लोगों का शुक्रिया. आप लोगों की वजह से हिफाजत है. हमारा परिवार तो पूरी तरह बर्बाद हो गया. माफियागिरी तो पहले ही खत्म हो गई थी. उमेश पाल की हत्या हम कैसे कर सकते हैं. हम तो जेल में बंद थे."

उमेश पाल हत्याकांड

24 फरवरी को दिनदहाड़े प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. वो अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी गली के बाहर कार से उतरते वक्त उमेश पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी. बम भी फेंके गए. हमले में उमेश पाल के साथ-साथ उनके दो गनर्स की भी मौत हो गई थी. उमेश पाल की पत्नी ने इस मामले में अतीक, उसके भाई अशरफ सहित 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. प्रयागराज पुलिस इस मामले में अतीक के बेटे असद समेत पांच शूटरों की तलाश में जुटी है.

वीडियो: अतीक अहमद के अपराध और राजनीति की पूरी कहानी,क्या इस बड़े नेता ने उसे शह दिया?

Advertisement