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यूपी के बस्ती में चंबल स्टाइल डकैती, पर्चा चिपका कर डेडलाइन दी और लूट भी लिया

लोगों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को इसके बारे में चेताया था, लेकिन उसकी तरफ से कोताही बरती गई.

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(सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)

डाकुओं और डकैती के किस्से अब फिल्मों और किताबों तक सीमित रह गए हैं… ऐसा लगता था. लेकिन उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में चंबल स्टाइल में हुई डकैती का मामला सामने आया है. खंभे पर चेतावनी वाला पर्चा. पर्चे पर डकैती करने की समय सीमा. और फिर बताए गए समय के अंदर डकैती. इस घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को इसके बारे में चेताया था, लेकिन उसकी तरफ से मामले में कोताही बरती गई.

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पत्र में क्या लिखा था?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 29 दिसंबर को बस्ती के रुधौली थाना क्षेत्र के विश्नुपुरवा गांव और वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के कोडरी गांव के आसपास खंभों पर और घरों के बाहर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए थे. इनमें लिखा था,

' छपिया लुटावन गांव में आने वाले दस दिनों के अंदर हम अपने गैंग के साथ बहुत भयानक डाका डालेंगे. तुम सब कितनी रात में कितनी देर तक जागोगे? ये सभी गांव वालों के लिए चेतावनी है. आने वाले दस दिनों के अंदर हम छपिया लुटावन गांव के कुछ चुनिंदा घरों में लूटपाट करेंगे. जितनी ताकत हो लगा लो. हम तुम्हारे गांव को लूट कर ही रहेंगे.'

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चेतावनी पत्र के आखिर में एक नोट भी था.

'नोट: डाका गांव के कुछ चुनिंदा घरों में ही डाला जाएगा.'

2 दिन के अंदर डकैती

रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी की रात करीब 2 बजे मुंडेरवा गांव के रहने वाले ललित मोहन के घर डाका पड़ा और डकैतों ने चाकू की नोक पर घर से 20000 रुपए की नगदी और ललित चौधरी की मां के गहने लूट लिए.

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घटना को लेकर ललित की मां निर्मला देवी ने बताया, 

' उस दिन मेरा बेटा खेत में ही सो गया था. तभी रात 2 बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया तो मुझे लगा ललित होगा. लेकिन तभी मुझे अपने गले पर चाकू महसूस हुआ और कुछ लोग मेरे घर में घुस गए.'

उन्होंने आगे बताया,

' मैं डर गई थी. उन्होंने जैसा बोला मैंने वैसा किया. मैंने अपने गहने और 20000 रुपए नगद उन्हें दे दिए.  ' 

पुलिस ने क्या बताया?

रिपोर्ट के मुताबिक गांववालों का कहना है कि उन्होंने घटना को लेकर पुलिस को बताया था. लेकिन पुलिस ने ये कहकर बात टाल दी थी कि हो सकता है ये किसी तरह का मजाक है.

मामले को लेकर एडिशनल SP ओपी सिंह का कहना है कि उन्होंने इलाके की पुलिस को वहां सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा था. वहीं बस्ती के SP गोपाल चौधरी का कहना है कि एक FSL टीम और लोकल डिप्टी SP रैंक के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे थे. मामले की जांच के लिए CCTV फुटेज खंगाली जा रही  हैं.

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