युनाइटेड किंगडम में भीषण दंगों (UK Riots) की खबरें आ रही हैं. कहा जा रहा है कि 13 साल बाद ऐसे व्यापक दंगे देखे गए हैं. जिनमें बच्चों की हत्या करने से लेकर, शरणार्थी शिविर में आग लगाने की बात भी कही जा रही है. बता दें कुछ दिन पहले चाकू मारने की घटना के बाद, तीन लड़कियों की मौत हो गई थी. जिसके बाद से धुर-दक्षिणपंथी अप्रवासी विरोधी हिंसा (Anti Immigrant Potest UK) के मामले सामने आए. इस सब के बीच 100 भी ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
3 बच्चियों की हत्या, पत्थरबाजी, आगजनी और इस्लाम विरोधी नारेबाजी... पूरा UK दंगों की चपेट में कैसे आ गया?
UK Riots: साउथपोर्ट में बच्चों की डांस क्लास के दौरान, चाकू मारे जाने की घटना हुई. जिसमें तीन बच्चियों की जान चली गई. जिसके बाद दावा किया गया कि हमलावर मुस्लिम अप्रवासी था.


इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, हाल ही में रॉदरम स्थित एक होटल में आग लगाने की कोशिश की गई. होटल में शरणार्थियों के रुके होने की बात भी कही जा रही है.
बताया जा रहा है कि साउथपोर्ट में बच्चों की डांस क्लास के दौरान, चाकू से हमले की घटना हुई. इसी हमले में तीन बच्चियों की जान चली गई. जिसके बाद दावा किया गया कि हमलावर मुस्लिम अप्रवासी था. इसी अफवाह के चलते ब्रिटेन में कई जगह अप्रवासी विरोधी प्रोटेस्ट शुरू हो गए. इन विरोध प्रदर्शनों में इस्लाम के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. प्रदर्शनकारी नारे लगाते रहे- ‘हमें हमारा देश वापस चाहिए.’
फिर कई जगह हिंसा की घटनाएं हुईं. कई जगह अप्रवासी विरोधी दंगे शुरू हुए. जो अब बड़ा रूप ले चुके हैं. शनिवार, 3 अगस्त को ब्रिटेन के हल, लिवरपूल, लीड्स, ब्रिस्टल, स्टोक-ऑन-ट्रेंट, नॉटिंघम, बेलफास्ट और मैनचेस्टर में हिंसा की घटनाएं देखी गईं.
इन विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी भी की गई. जिन होटलों में शरणार्थी रुके थे, वहां भी पत्थर फेंके गए. दुकानों में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं. इस सब के चलते कई जगह हिंसक भीड़ और पुलिस के बीच झड़प भी देखी गई.
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हाई लेवल मीटिंग बुलाई गईबढ़ती हिंसा के बीच 3 अगस्त को यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई. मीटिंग में पुलिस को पूरा समर्थन देने की बात कही गई. साथ ही हिंसा काबू करने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे.
रॉदरम होटल में हुए हमले के जवाब में भी चेतावनी दी. कहा कि चरमपंथी दंगाइयों को अपने किए का पछतावा होगा. ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि हिंसक भीड़ हमारे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करती है.
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इस संबंध में अपनी बात रखी. कहा कि हिंसक और आपराधिक व्यवहार की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है. फिलहाल दंगों से जुड़ी हिंसा के मामलों में 100 से भी ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
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