क्या कहा ब्रिटेन ने? ब्रिटेन के कानून विभाग के मुताबिक 'अदालत ने माल्या को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की इजाजत नहीं दी. पांच अप्रैल को जस्टिस विलियम डेविस ने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की इजाजत देने संबंधी उसके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया. अब माल्या के पास मौखिक विचार के लिए आवेदन करने के लिए पांच दिन हैं. इस प्रक्रिया के दौरान संक्षिप्त मौखिक सुनवाई होगी. विजय माल्या और भारत सरकार की टीमें अदालत के सामने अपने-अपने तर्क रखेंगे. जज फैसला लेंगे कि इस मामले में अब सुनवाई की जरूरत है या नहीं.

विजय माल्या के पास अब सिर्फ 5 दिन हैं. फाइल फोटो. रॉयटर्स.
पैसे लेने की गुजारिश कितनी भरोसेमंद? माल्या बैंकों से अब अपना पैसा वापस लेने की भी गुजारिश कर रहा है, माल्या ने बैंकों को संतुष्ट करने के लिए अपनी 'लग्जरी लाइफ' को भी छोड़ने का वादा किया था. मगर इसको लेकर आरोप लगाए जाते हैं कि वो पैंतरेबाजी कर रहा है.
क्या है अदालती प्रक्रिया? ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक विजय माल्या के पास अब सिर्फ 5 दिन हैं. यहां भी अपील खारिज हो जाने के बाद उसके पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला रहेगा. यहां सुनवाई पूरी होने में कई महीने या साल भी लग सकते हैं. ऐसे में माल्या को हाल-फिलहाल भारत लाना काफी मुश्किल है.
कई एजेंसियां पड़ी हैं माल्या के पीछे माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया हैं. वो मार्च, 2016 में लंदन भाग गया था. अप्रैल, 2017 में उसे स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. यहां की अदालत से वो जमानत पर छूट गया था. उसके प्रत्यर्पण का केस 4 दिसंबर, 2017 से लंदन की अदालत में चल रहा था. माल्या के खिलाफ 10 दिसंबर, 2018 को फैसला आया था. कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला सुनाया था. फिर ये मामला ब्रिटेन के गृह मंत्रालय पहुंचा. वहां से उसके भारत भेजने का आदेश दिया गया था.
अदालत ने भगोड़ा घोषित किया माल्या को मुंबई की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट PMLA कोर्ट पिछले महीने भगोड़ा घोषित कर चुकी है. भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून-2018 के तहत माल्या पहले अपराधी हैं, जिन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है. प्रवर्तन निदेशालय ED ने इसके लिए अपील की थी. माल्या पर भारत में धोखाधड़ी की साजिश करने, ग़लत बयानी करने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं. एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक उस पर भारतीय स्टेट बैंक के 1600 करोड़ रुपए, आईडीबीआई बैंक के 800 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक के 800 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया के 650 करोड़ और बैंक ऑफ बड़ौदा के 550 करोड़ रुपए बकाया हैं. उस पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस कर रखा है. लोन की रकम दूसरी जगह निवेश करने के आरोप में सीबीआई भी जांच कर रही है. शेयर्स की अनियमितता का केस सेबी चला रही है. किंगफिशर एयरलाइंस में वित्तीय गड़बड़ी की जांच सीरियस फ्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफिस कर रहा है. सर्विस टैक्स न चुकाने की जांच इनकम टैक्स विभाग कर रहा है. इसी तरह डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल बैंगलुरु माल्या पर विलफुल डिफॉल्टर होने का केस चला रहा है. भारत में आने पर माल्या को इन सभी मुकदमों का सामना करना होगा.
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