दवा कंपनी फाइज़र ने भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल के परमीशन की अर्जी कंपनी ने वापस ले ली है.: सांकेतिक तस्वीर. (PTI)
पुर्तगाल में फाइजर की वैक्सीन लगवाने के दो दिन बाद एक हेल्थ वर्कर की मौत हो गई. पुर्तगाल की हेल्थ अथॉरिटीज इस नर्स की अचानक मौत की जांच कर रही हैं. 41 साल की सोनिया अज़ेवेडो सर्जिकल असिस्टेंट के रूप में पोर्टो के IPO हॉस्पिटल में काम करती थीं. सोनिया IPO अस्पताल के उन 538 हेल्थकेयर वर्कर्स में से हैं जिन्हें 30 दिसंबर को फाइजर वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी. परिवार का कहना है कि वैक्सीन की डोज लेने से पहले सोनिया पूरी तरह से स्वस्थ थीं.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सोनिया ने 31 दिसंबर की शाम को अपने परिवार के साथ डिनर किया और सो गईं. अगली सुबह वे अपने बिस्तर पर मृत मिलीं.
फेसबुक पर ज़ाहिर की थी वैक्सीन लगवाने की खुशी
वैक्सीन लेने के बाद सोनिया अज़ेवेडो काफी खुश थीं. उन्होंने फेसबुक पर अपना प्रोफाइल पिक्चर अपडेट किया और लिखा कोविड-19 वैक्सीनेटेड. पुर्तगाली टैब्लॉयड ओरियो द मान्हा से उनकी बेटी और पिता ने बात की. उनकी बोटी ने कहा,
"ये सब इतनी जल्दी हुआ कि हमें पता ही नहीं चला कि आखिर हुआ क्या है? वैक्सीनेशन के बाद हमने उनमें कुछ भी अलग नोटिस नहीं किया. वो ठीक थीं."
सोनिया के पिता अबिलियो ने कहा,
"मैं जानना चाहता हूं कि मेरी बेटी की मौत कैसे हुई? मेरी बेटी ने कभी शराब नहीं पी और न ही कुछ अलग चीज खाई."
IPO अस्पताल ने सोनिया की मौत की पुष्टि करते हुए बयान जारी किया है.अस्पताल ने सोनिया को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना जताई है. सोनिया की मौत के बारे में पुर्तगाल के स्वास्थ्य मंत्रालय को भी सूचना दे दी गई है. पुर्तगाल की आबादी करीब एक करोड़ है, लेकिन यहां कोरोना वायरस के कुल मामले 4.27 लाख से अधिक हो चुके हैं और 7,118 लोगों की कोरोना से मौत भी हो चुकी है.