अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को कोई काम नहीं रह गया है. रोज एक नया दावा करते हैं. उस दावे में झूठ के साथ थोड़ा-बहुत सच मिला देते हैं. आज सुबह भी उन्होंने वही किया. एक पोस्ट में लिखा ‘बहुत जल्दी आपको तेल का ट्रांसपोर्ट दिखेगा, इसके लिए ईरान की मदद नहीं चाहिए.’ यानी ट्रंप के मुताबिक़, तेल की सप्लाई फिर से शुरू होगी और इसमें ईरान की कोई भूमिका नहीं होगी.
'तेल की सप्लाई फिर शुरू होगी, ईरान के बिना', ट्रंप मीटिंग से पहले ऐसा क्यों बोले?
Trump claims on Iran War: डॉनल्ड ट्रंप के एक पोस्ट के मुताबिक़ तेल की सप्लाई फिर से शुरू होगी और इसमें ईरान की कोई भूमिका नहीं होगी. उन्होंने ईरान को चेताया कि अगर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल ले रहे हो तो बंद कर दो.


गुरुवार 9 अप्रैल को प्रेसिडेंट ट्रंप ने एक पोस्ट किया. उसमें लिखा,
‘बहुत जल्द ही तेल का ट्रांसपोर्ट शुरू हो जाएगा. इसके लिए ईरान की ज़रूरत नहीं है. अगर वो साथ आए तब भी ठीक और न आए तब भी ठीक. मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.’

डॉनल्ड ट्रंप का ये बयान ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर डील रुकी हुई है. 8 अप्रैल को ट्रंप ने ईरान और अमेरिका जंग में दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया था. इसमें लेबनान भी शामिल बताया गया. फिर इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया. जिसके बाद ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ईरान आने वाले दिनों में होर्मुज पर और कड़े प्रतिबंध लगा सकता है.
प्रेसिडेंट ट्रंप ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगने वाले कथित टोल के बारे में भी लिखा. उन्होंने ईरान को चेताया कि अगर टोल ले रहे हो तो बंद कर दो. रिपोर्ट हैं कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को क्रिप्टोकरेंसी में टोल देना होगा. पश्चिमी देशों के नेताओं ने टोल देने की बात से इंकार किया है.
डॉनल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में खुद को ईरान-अमेरिका जंग का ‘विजेता’ घोषित कर दिया. वो पहले भी कई दफा ये दावा कर चुके हैं. इसे लेकर ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने एक रिपोर्ट छापी और उन्हें ‘प्रीमैच्युर विजेता’ बताया (trump premature victor). ट्रंप को ये बात बुरी लग गई. उन्होंने अखबार पर तंज़ करते हुए लिखा,
‘वो बहुत जल्दी जज कर लेते हैं. लेकिन कभी अपनी गलती नहीं मानते, जबकि अक्सर वो गलत होते हैं. आज मेरी ही वजह से ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बना पाएगा. ये हमारी जीत है.’
डॉनल्ड ट्रंप का पोस्ट अपने आप में एक संशय पैदा करता है. उन्होंने तेल सप्लाई वाले दावे पर कोई प्लान ऑफ़ एक्शन नहीं बताया है. क्या तेल की सप्लाई फिर से शुरू करने के लिए ट्रंप सैन्य हमले का सहारा लेंगे या कूटनीतिक रास्ता अपनाएंगे? या फिर उनके पास तेल भंडार का कोई दूसरा स्रोत है? ये बात अभी साफ़ नहीं है.
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