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गूगल में ₹80 LPA की सैलरी वाले टेकी को स्टार्टअप ने किया रिजेक्ट, वजह जान सिर पीट लेंगे

एक Google techie ने इंडियन स्टार्टअप में जॉब के लिए अप्लाई किया था. कुछ दिनों बाद Whatsapp पर उसे एक मैसेज आया. मैसेज में कंपनी ने बताया कि कॉलेज में CGPA कम होने की वजह से उसका एप्लीकेशन रिजेक्ट किया जा रहा है. पूरा मामला समझिए.

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गूगल कर्मचारी को कॉलेज में कम CGPA के चलते नहीं मिली नौकरी. (सांकेतिक फोटो-AI)

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  • एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को स्टार्टअप ने 8 साल के अनुभव और गूगल में नौकरी के बावजूद कम CGPA 7 के कारण नौकरी के लिए आवेदन रिजेक्ट कर दिया।
  • इंजीनियर ने बताया कि वे जॉब चेंज के लिए अप्लाई हुए थे और कंपनी ने केवल CGPA कम होने का कारण बताकर रिजेक्शन किया, जिससे सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई।
  • सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद कई लोग कंपनी के निर्णय की आलोचना कर रहे हैं और स्टार्टअप के भर्ती पॉलिसी पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कंपनी से पुनः संपर्क का कोई संकेत नहीं मिला।

एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) को इंडियन स्टार्टअप (Indian Startup) ने सिर्फ इसलिए नौकरी पर नहीं रखा क्योंकि कॉलेज में उसका CGPA कम था. हैरानी की बात ये है कि शख्स पिछले 8 साल से जॉब कर रहा है और अच्छे पैसे कमा रहा है, फिर भी उसका एप्लीकेशन रिजेक्ट हो गया. टेकी इस वक़्त गूगल (Google) में काम करता है और सालाना 80 लाख रुपये (80 LPA) कमाता है. इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर इसे पोस्ट किया, जिसके बाद हायरिंग प्रोसेस को लेकर तगड़ी बहस छिड़ गई. 

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हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में टेकी ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि जॉब चेंज की कोशिश में थे. इसी सिलसिले में एक स्टार्टअप में अप्लाई किया था. कुछ दिनों बाद व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया. मैसेज में कंपनी ने बताया कि कॉलेज में CGPA कम होने की वजह से एप्लीकेशन रिजेक्ट किया जा रहा है. टेकी का कॉलेज CGPA 7 है. CGPA (Cummulative Grade Point Average) हर सब्जेक्ट में मिले ग्रेड का एक टोटल एवरेज होता है जिसे फाइनल रिजल्ट के तौर पर देखा जाता है. ये 1-10 के रेंज में होता है. 

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Google में नौकरी और अनुभव भी नहीं आया काम 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अखबार को बताया कि कंपनी ने मैसेज में सिर्फ इतना ही लिखा और कुछ नहीं बताया. इसके बाद टेकी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. बताया कि आठ साल का जॉब एक्सपीरियंस होने के बावजूद उन्हें एग्जाम रिजल्ट पर जज किया गया, ये बिलकुल भी ठीक नहीं है. इसपर जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका पोस्ट पढ़कर कंपनी ने उन्हें दोबारा अप्रोच करने की कोशिश की? तब टेकी ने जवाब दिया ‘नहीं’. 

गूगल में काम करने के बावजूद जिस आधार पर रिजेक्ट किया गया, उसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने स्टार्टअप कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. टेकी के पोस्ट को कई प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया. कुछ यूजर ने लिखा कि ‘कंपनी के पास बजट नहीं था इसलिए CGPA का बहाना बनाया’ तो कुछ ने लिखा कि ‘रेज़्युमे में CGPA बताने की ज़रूरत क्या थी?’ इसपर टेकी ने साफ किया कि अपने सीवी में CGPA नहीं बताया था, फिर भी ऐसा हुआ. 

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