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UN में फिर कश्मीर का राग अलाप रहा था पाकिस्तान, भारत के एंबेसडर ने तगड़ा सुना दिया

UN में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव Parvathaneni Harish ने Pakistan को जवाब दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि UN जैसे बड़े और जिम्मेदार फोरम में इस तरह के 'एकतरफा और गलत नैरेटिव' के लिए कोई जगह नहीं है.

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संयुक्त राष्ट्र में भारत के परमानेंट एंबेसडर पर्वतानेनी हरीश ने पाकिस्तान को जवाब दिया है (PHOTO-X)

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  • संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दूत आसिम इफ्तिखार ने जम्मू-कश्मीर मुद्दा उठाया, जिसपर भारत ने उसे एकतरफा और गलत नैरेटिव बताते हुए कड़ा जवाब दिया है।
  • पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद में जम्मू-कश्मीर मुद्दा उठाया, जबकि भारत इसे अपने आंतरिक मामले मानता है और पाकिस्तान पर UN फोरम का गलत उपयोग करने का आरोप लगाया।
  • भारत ने पाकिस्तान की गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा को अवैध ठहराया और ऐसे प्रयासों को अपने अवैध कब्जे वाले इलाकों में बदलाव लाने की कोशिशों के रूप में प्रतिरोध किया है।

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है. बीते दिनों यूएन (United Nations) में पाकिस्तान के दूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने 'एनुअल रिपोर्ट ऑफ द सिक्योरिटी काउंसिल' में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया. उनके बयान के ठीक बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र में ही पाकिस्तान को करारा जवाब भी दे दिया. UN में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव पर्वतानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि UN जैसे बड़े और जिम्मेदार फोरम में इस तरह के 'एकतरफा और गलत नैरेटिव' के लिए कोई जगह नहीं है.

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भारत का अंदरूनी मामला

एंबेसडर पर्वतानेनी हरीश ने 5 जून, 2026 को कहा कि उन्हें पाकिस्तान को जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि उसने भारत के आंतरिक मामले का जिक्र किया जो बिल्कुल ही गलत था. उन्होंने कहा कि ‘पाकिस्तान ने भारत के अंदरूनी मामले यानी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का बिना वजह जिक्र किया है, जिसका मुझे जवाब देना पड़ रहा है. पाकिस्तान ने इस फोरम को भी अपने बांटने वाले राजनीतिक फायदों के लिए इस्तेमाल किया. उसने UN के बड़े प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किया.’ 

हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद में अपनी मौजूदगी का गलत इस्तेमाल किया. गलत जानकारी वाले और गुमराह करने वाली बातें कहीं. उन्होंने कहा, 

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मैं पाकिस्तान को याद दिलाना चाहता हूं कि UN सुरक्षा परिषद का सदस्य होना एक बड़ी जिम्मेदारी है. यह पक्षपाती और झूठी बातें फैलाने का मंच नहीं है.

हरीश ने आगे कहा,

मैं यह जोर से और साफतौर पर कहना चाहूंगा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अहम और अटूट हिस्सा था है और हमेशा रहेगा. इसके उलट कोई भी दावा बेबुनियाद है. उसमें ऐतिहासिक तथ्त नहीं हैं. पाकिस्तान की खोखली बातें और खोखले दावे इस बुनियादी सच्चाई को नहीं बदलेंगे.

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पाकिस्तान ने भारत के कई हिस्सों पर अवैध कब्जा किया हुआ है (Graphics-The Lallantop)

भारतीय इलाके में चुनाव करवाने पर तुला पाकिस्तान

बता दें कि पाकिस्तान ने हाल ही में पीओके के गिलगिट-बाल्टिस्तान इलाके में चुनाव कराने की घोषणा की है. भारत ने इसे लेकर विरोध जताया है. भारत का कहना है कि जिस जमीन पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा किया है, वो उस पर चुनाव कैसे करवा सकता है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा,

भारत सरकार ने अपनी जानी-पहचानी बात फिर से दोहराई है कि J&K और लद्दाख के पूरे केंद्र-शासित प्रदेश जिनमें तथाकथित ‘गिलगित-बाल्टिस्तान’ भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. यह 1947 में J&K के भारत में पूरी तरह, कानूनी रूप से और बिना किसी बदलाव की गुंजाइश के विलय का नतीजा है.

भारत सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान की ऐसी कोशिशें उन गंभीर मुद्दों को छिपा नहीं सकतीं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाकों में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और आजादी न मिलने से जुड़े हैं. भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाकों में कोई भी ठोस बदलाव लाने की पाकिस्तान की किसी भी कोशिश को साफ तौर पर खारिज करता है.

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