अइसा है कि अब सिर्फ टीवी पर ओपीनियन पोल नहीं होगा. वहां बहुत चिल्लमचिल्ली है. अब शांति से व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आ रहा है. उसमें एक लिंक रहेगा. उसको खोलके वोट कर देना. कांग्रेस और बीजेपी में से एक जीत जाएगी. लिंक ये है
. फिर ये बन के आएगा.

इस देश में दो ही पार्टियां हैं.
इसमें कहते हैं कि बहुत साइंस और टेक्नोलजी लगी है. एक आदमी एक ही बार वोट कर सकता है. लेकिन न इसमें उम्र की सीमा है न जन्म का है बंधन. जो चाहे धकापेल वोट कर सकता है. कहां का, कब का, किसका चुनाव है ये भी नहीं पता. इससे वोट कहां जाता है, कुछ पता नहीं. इस लिंक के नीचे ऐड आता है. सारा खेला वही है. उसी से पैसा मिलता है जो हमको लंपूकिया बनाने से कमाया जा रहा है. फिलहाल अभी तक जो वोटिंग हुई है उसके हिसाब से कांग्रेस आगे चल रही है. मामूली अंतर से ही सही, लेकिन अमित शाह के मोबाइल पर लिंक भेज दो तो उनको पता चले कितने पानी में हैं.

yayyyyyyyyy..हम जीत गए: राहुल गांधी
अगर ये जुगाड़ सेट हो जाए तो VPat और EVM का झगड़ा भी खतम हो जाए. केजरीवाल जी फिर व्हाट्सऐप टेंपरिंग का इल्जाम लगाया करेंगे.
जाते जाते एक लल्लनटॉप वी़डियो देख लो. ये हिमाचल चुनाव की लाइव कवरेज है.
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