सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से भारत में कई लोग पाकिस्तानी आर्टिस्ट्स को उनके मुल्क वापस भेजने की रट लगाए हैं. इन लोगों के मिजाज का न बोलने पर सलमान खान, करन जौहर और महेश भट्ट जैसे दिग्गज सोशल मीडिया पर गरियाए जा चुके हैं. इस लिस्ट में नया नाम ओम पुरी का है, जिन्होंने एक न्यूज चैनल डिबेट में सब धुआं-धुआं कर दिया.
ओम पुरी को गाली देने वाले अपनी गाली चाट लेंगे, जब ये जानेंगे
बिना असल बात जाने हुड़स पड़ने को ही शास्त्रों में शीघ्रपतन कहा गया है.

ओम पुरी खबरों में हैं, लेकिन हर जगह बस यही बताया जा रहा है कि ओम पुरी ने सैनिकों की शहादत का अपमान किया और कहा कि उन्होंने किसी से सेना में जाने के लिए नहीं कहा था. ये अधूरी बात है. ओम पुरी ने चीख-चीखकर कहा कि उन्हें सैनिकों की शहादत पर गर्व है और वो सेना को सलाम करते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि भारत-पाकिस्तान को इजरायल-फिलिस्तीन जैसा न बना दिया जाए.
अगर आप भी अधूरी खबरें पढ़कर अपना खून खौला रहे थे, तो जरा सांस लीजिए और पूरी बात जानिए.
जब न्यूज चैनल के एंकर ने ओम पुरी से पूछा कि पूरा देश सेना के पीछे एक साथ क्यों नहीं खड़ा है, तो उन्होंने कहा, 'फौज को हमारी ज़रूरत नहीं है. पहली बार भारत ने पाकिस्तान को बता दिया कि हम सिर्फ भौंकते नहीं हैं, काट भी सकते हैं. अभी तक किसी की इतनी पॉलिटिकल इच्छा-शक्ति क्यों नहीं थी? खुशी मनाओ कि हमारी सेना और जनता का मनोबल ऊंचा हुआ है. हम नपुंसक नहीं हैं. हम काटने में विश्वास नहीं रखते, लेकिन कुछ गलत होगा तो बार-बार काटेंगे. हमें अपनी आर्मी पर फख्र है.'

डिबेट में ओम पुरी ने कुछ संजीदा बातें भी कहीं. वो बोले, 'क्या आप चाहते हैं कि भारत-पाकिस्तान इजरायल और फिलिस्तीन जैसे बन जाएं और सदियों तक लड़ते रहें? ये देश का नहीं, परिवारों का विभाजन है. हिंदुस्तान में 22 करोड़ मुस्लिम हैं. उधरवालों के रिश्तेदार इधर रहते हैं और इधरवालों के रिश्तेदार उधर रहते हैं. ये तुम लोगों ने क्या सलमान-सलमान लगा रखा है.'
जब उनसे पूछा गया कि फिल्म इंडस्ट्री एक सुर में पाकिस्तानी आर्टिस्ट्स का बायकॉट क्यों नहीं कर रही है तो ओम ने कहा, 'सरकार से कहिए कि उनका वीजा कैंसल करें. मैं मजदूर आदमी हूं, कोई स्टार नहीं. मैं काम करूंगा. एक हफ्ते से और कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है आपको. 22 करोड़ मुस्लिम हैं देश में. भड़काओ मत उन्हें. आप लोग पता नहीं कैसी-कैसी फिल्में बनाकर पाकिस्तान पर थूकते हो बेशर्मों. मैंने जो काम किया, मुझे उस पर गर्व है'.
यहां तक आते-आते डिबेट चीखने-चिल्लाने पर पहुंच गई थी और बवाल भी यहीं से शुरू हुआ.
ओम से पूछा गया कि 30 हजार की सैलरी वाला सैनिक सीमा पर जान देता है और देश के अंदर पाकिस्तान से बात करने के लिए कहा जाता है. इस पर ओम ने कहा, 'हमने उसे फोर्स किया था फौज में जाओ? मेरा भी बाप फौज में था. बर्मा में लड़ा था. हमें गर्व है अपने जवानों पर, लेकिन जिस चीज पर आप बहस कर रहे हैं, वो बहस का मुद्दा है ही नहीं.'
इस बहस में कर्नल वीएन थापर (रिटा.) और MNS नेता वागीश सारस्वत भी थे. चैनल पर डिबेट नहीं, थेथरई हो रही थी. जब ओम पुरी से बात खत्म करने को कहा गया, तो उन्होंने कहा, 'आप एक काम कीजिए. आप 10-15-20 जितने भी हिंदुस्तानी तैयार कर सकते हैं, जो अपने शरीर पर बम बांधकर पाकिस्तान जाकर कुछ उड़ा आएं, उन्हें तैयार कर लीजिए. धन्यवाद.' खीझ में इतना बोलकर ओम पुरी बहस से उठ गए और एंकर चीखने लगा कि ओम पुरी फिदायीन की भाषा बोल रहे हैं.
बहस के दौरान तो वागीश और कर्नल थापर ओम पर चीखे ही, इसके बाद अनुपम खेर ने भी एक ट्वीट ठोंका.

अब आप खुद सोचिए. आप कल से क्या पढ़ रहे थे, जबकि असल में ओम पुरी ने क्या कहा था. लिखे में भाव न पकड़ पा रहे हों, तो ये रहा वीडियो, देख लीजिए.
https://www.youtube.com/watch?v=jIv15V78z1Q ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी एक्टर्स के सपोर्टर्स को मेजर गौरव आर्य का जवाब ये कांग्रेसी बोला है कि सर्जिकल स्ट्राइक करो, बकैती नहीं पाकिस्तानियों को भगाने वालों, सेंधा नमक चाटना भी छोड़ दो! इंडिया में काम करने पर किया था कमेंट, पाक एक्ट्रेस माहिरा ने धो डाला भारत-पाकिस्तान पर सबसे अलग हटकर बात आजम खान ने कही है












