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कुछ मुस्लिम लड़कों ने श्रीलंका में ISIS के आतंकियों को जैसे मरवाया वो रौंगटे खड़े कर देता है

ईस्टर ब्लास्ट में 250 लोगों को मारने वाले इन आतंकियों ने मुसलमान बोलकर, पैसा फेंककर ललचाया.

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ईस्टर के मौके पर हुए 8 धमाकों के दोषी सीसीटीवी कैमरा पर भी कैद हुए. बाद में उनके खिलाफ सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई हुई और उन्हें मारा गया. झलकियां इन्हीं के इवेंट की.
21 अप्रैल के दिन ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इन धमाकों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे. धमाके के कुछ संदिग्ध श्रीलंका के पूर्वी जिले अमपारा के कलमुनई के संथामारुथू इलाके में मारे गए. आतंकी यहां छिपे हैं, ये जानकारी सबसे पहले कुछ युवाओं ने दी. उनकी सूचना पर 26 अप्रैल की रात सुरक्षा बलों ने यहां छापा मारा था. इस दौरान 15 लोग मारे गए थे. मारे जाने वालों में इस्‍लामिक स्‍टेट के 3 आत्‍मघाती आतंकी और 6 बच्‍चे शामिल थे. इंडियन एक्सप्रेस में छपी अरुण जनार्दनन की रिपोर्ट के मुताबिक संथामारुथू के छापों के दौरान श्रीलंका के 8 सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड जाहरान हाशिम के पिता और दो भाई भी मारे गए. पुलिस और इंटेलीजेंस अधिकारियों के मुताबिक यहां से हाशिम की पत्नी और चार साल की बेटी को बचा लिया गया है. जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक दोनों करीब 10 फीसदी जल गई हैं. उनका इलाज चल रहा है. # कहां ठिकाना बना रखा था आईएसआईएस के आतंकियों ने? इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक संथामारुथू एक मुस्लिम बहुल इलाका है. पूरे इलाके पर इस वक्त सेना की नजर है. मगर स्थानीय लोग देश में हो रही उन 'गलत चीजों' के खिलाफ बोलने को तैयार हैं, जो उनके देश में हुई हैं. एक स्थानीय निवासी मोहम्मद सुल्फिकार ने कहा कि 'ईस्टर पर हुए धमाकों के बाद हम लोग बेहद परेशान हैं. खासकर इस बात को लेकर कि लोगों को उनके पूजा घर में मार दिया गया. इससे हम लोगों में आक्रोश है और हम सतर्क भी हैं.' # कैसे पता चला आतंकियों के बारे में? इंडियन एक्सप्रेस को स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ मुस्लिम युवक संथामारुथू इलाके में एक लोहे के पुल के पास से गुजर रहे थे. तभी एक युवक को एक घर के अंदर एक आदमी राइफल लिए खड़ा दिखा. ये देखकर मुहल्ले के बहुत से लोग उस घर के बाहर इकट्ठे हो गए. स्थानीय लोगों ने घर के अंदर छिपे लोगों से उनकी आईडी मांगी. जब उनसे आईडी के लिए जोर डाला गया तो उनमें से एक (संदिग्ध आतंकी) ने हवा में फायर करने की कोशिश की. हालात बिगड़ते देख स्थानीय मस्जिद कमेटी के लोगों को सूचना दी गई. अभी ये चल ही रहा था कि घर के अंदर से किसी ने चलन से बाहर हो चुके नोट फेंकने शुरू कर दिए. ये तब हुआ जब पुलिस और आर्मी सतर्क थे. ये पूरा एपिसोड शुक्रवार (26 अप्रैल, 2019) देर शाम करीब डेढ़ घंटे चला. सुल्फिकार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि
'जिस युवक ने राइफल वाले आदमी को देखा उसने दूसरों को भी सचेत किया. हम सभी फौरन उस घर के बाहर पहुंच गए. हम लोगों ने उन संदिग्धों को देखा. वे लोग सिर्फ 10 दिन पहले ही किराए पर रहने आए थे. और उन लोगों को स्थानीय लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं था. हम लोगों ने जब उन संदिग्धों से उनकी पहचान आईडी दिखाने को कहा तो वे गालीगलौच करने लगे. उनमें से एक नाराज होने लगा. और बोला हम लोग मुसलमान हैं. और हम लोगों पर संदेह करना गलत है. इस पर हम लोगों ने उनसे कहा कि हम खुद भी मुसलमान हैं. ये बहस चल ही रही थी कि उनमें से एक ने हवाई फायर करने की कोशिश की. ये देखकर हममें से कई भाग खड़े हुए.'
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी सूचना फौरन ही आयरन ब्रिज के पास बनी मस्जिद की कमेटी के सदस्यों को दी गई. मस्जिद कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि,
'जब तक हम लोग वहां पहुंचे, हालात और बिगड़ चुके थे. उनमें (संदिग्ध आतंकियों में से) से एक ने हम लोगों पर चिल्लाना शुरू कर दिया. और सभी को 'धोखेबाज' बोलने लगा. इस बीच उसने ये वादा किया कि वो मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा. पर हम लोग इस बात पर अड़े थे कि हमें घर (जिसमें वे छिपे थे) की तलाशी लेनी है.'
मस्जिद कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि,
'घर के अंदर मौजूद युवकों में से एक ने घर के बाहर नोट फेंकने शुरू कर दिए. फिर तमिल में गालियां बकने लगा. और चिल्लाने लगा. ये 'पैसे खा लो', मगर उन लोगों को अकेला छोड़ दो. ये ड्रामा करीब आधे घंटे चला. हम लोगों ने तुरंत ही इसकी सूचना पास के ट्रैफिक पुलिस अधिकारी को दी. कुछ ही देर में यहां सेना पहुंच गई.'
आमिना उम्मा नाम की एक महिला ने इंडियन एक्सप्रेस को अपने घर की दीवारों पर बने गोली के निशान दिखाए. आमिना उम्मा ने बताया कि
ये सब कुछ शाम करीब 7.30 बजे शुरू हुआ. और 9 बजे एक धमाके के साथ सब खत्म हो गया. हालांकि मुझे रात 11 बजे तक फायरिंग की आवाज सुनाई देती रही. मैं यहां अकेली रहती हूं. गोलीबारी के बाद मैं यहां से चली गई थी.
अब इस घर को पुलिस की निगरानी में रखा गया है. 28 अप्रैल को एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने फोरेंसिट टीम के साथ इसका मुआयना किया. अमपारा जिला अस्पताल के एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि हाशिम की पत्नी और उसकी बेटी की हालत स्थिर है. दोनों को ही बर्न वार्ड में रखा गया है. हाशिम की पत्नी डॉक्टरों के साथ सहयोग कर रही है, मगर बाकी किसी बात पर मुंह नहीं खोल रही है. बच्ची के इलाज के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है. सभी 15 में से 14 डेड बॉडी ऐसी हैं, जिनकी पहचान करना मुश्किल है. # क्या-क्या मिला पुलिस को यहां से? पुलिस ने यहां से विस्फोटकों का बड़ा जखीरा, एक ड्रोन और इस्लामिक स्टेट के लोगो वाला एक बैनर जब्त किया है. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक 'श्रीलंका में आईएस के सदस्यों को दर्शाने वाले एक वीडियो में जिस तरह का पहनावा पहना गया था, वे छापे में मिले वीडियो में दिखी आईएस की बैकग्राउंड से मिलता जुलता था.'
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