नीचे लगी तस्वीर लगभग दो साल पुरानी है. उस मां की जो अपने होने वाले बच्चे को लेकर खुशी से पागल हो रही थी. शेली तब 23 साल की थी. लेकिन तब शेली और उसके पति जेरेमी को नहीं पता था कि जिसको वो अपनी जिंदगी का सबसे सुंदर ख्वाब समझ के जी रहे थे वो उनके लिए सबसे भयानक पल होने वाला था.

डिलीवरी का टाइम आया. उन्हें ऑपरेशन से एक प्यारी सी बच्ची पैदा हुई. जिसको आज सब 'रिलन' के नाम से जानते हैं. लेकिन ऑपरेशन के समय हुआ कुछ भयानक.

शेली के शरीर में खून के थक्के पड़ गए. और धमनियों में खून जम गया. शेली कोमा में चली गई. डॉक्टर जो भी कर सकते थे, किया. पर शेली वापस नहीं आई. एक मां जो अपनी बच्ची को देखने के लिए 9 महीनों से तरस रही हो, उसके पैदा होते ही उसकी मां की जान चली जाए, इससे दर्दनाक क्या हो सकता है? फिर ऐश्ले नाम की एक नर्स ने सुझाया, बच्चा जब पैदा होता है, उसे अपनी मां के स्पर्श की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. क्या पता इसका उल्टा भी सच निकले. और बच्ची के छूने से मां को नया जन्म मिल जाए. नर्स को यकीन था शेली के अंदर जान बाकी थी. बच्ची को सीने से चिपकाए जाते ही शेली मानो एक गहरी नींद में सो गई. लोगों के उसे हिलाया-डुलाया, चुटकी काटी, पर शेली ने कोई जवाब नहीं दिया. 10 मिनट वो स्थिर रही और फिर अचानक जोर से चीख पड़ी. और फिर हुआ चमत्कार. दिल की धड़कन दिखाने वाला मॉनिटर चल उठा. शेली फिर से जी उठी. शेली के पति आज वो सीन याद करते हैं तो उनकी आंखें भीग उठती हैं. शेली की स्थिति सुधरने लगी. एक हफ्ते में शेली कोमा से बाहर आ गयी. शेली वो पल याद करती है जब पहली बार उसने अपनी बच्ची को गोद लिया: "मैंने उसे देखा तो लगा ये दुनिया की सबसे सुंदर बच्ची है. मैं जानती हूं हर मां को ऐसा ही लगता है. पर जो कुछ हुआ उसके बाद मेरा अपनी बच्ची रिलन के साथ स्पेशल कनेक्शन था."

और प्यारी रिलन ने कुछ दिनों पहले अपना पहला बर्थडे मनाया. शेली कहती हैं, "पिछले साल इसी दिन मैं अपनी अपनी जान के लिए लड़ रही थी. जब रिलन बड़ी होगी, मैं उसे बताउंगी कि उसने मेरी जान बचाई थी.
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